उत्तर प्रदेश: बहराइच में पिंजरे में कैद हो गया तेंदुआ, हमले में मासूम की हुई थी मौत, तेंदुए की गुर्राहट से सहमे लोग, देखिए वीडियो

बहराइच: बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में कई दिनों की दहशत के बाद खूंखार तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। तेंदुए ने चार दिन पहले एक मासूम को शिकार बनाया था. जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र को डर का माहौल था. पिंजड़े में कैद तेंदुआ काफी देर तक गुर्राता रहा जिसको देख लोग सहम गए.
निशानगाड़ा रेंज में ग्राम पंचायत कारीकोट के भट्टा बरगद पुरवा गांव का मामला है। जहां मंगलवार रात करीब 11 बजे के बाद पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि हो सकता है तेंदुआ शिकार की तलाश में गांव की सरहद में दाखिल हुआ तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया. जैसे ही लोहे के पिंजरे का दरवाजा जोर से गिरा, तेंदुए की दहाड़ सुनकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों में अधिकारियों को सूचना दी.
हमले में गई थी मासूम की जान और युवक पर किया था हमला
बात दें कि पिछले चार दिनों से कतर्नियाघाट के सीमावर्ती गांवों में तेंदुए का आतंक है. चार दिन पहले आजमगढ़ पुरवा गांव में तेंदुए ने सात वर्षीय मासूम बच्चे पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था. इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश था. मासूम को शिकार बनाने के बाद तेंदुए ने भट्टा बरगद पुरवा में एक 20 वर्षीय युवक पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था.
दो अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए थे पिंजरे
लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए निशानगाड़ा रेंज के रेंजर सुरेंद्र श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ इलाके में डेरा डाल दिया था. रविवार दोपहर को विभाग ने रणनीति के तहत आजमगढ़ पुरवा निवासी जसवंत के खेत और भट्टा बरगद पुरवा गांव में दो अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए थे. तेंदुआ काफी चालाक था और दो दिनों तक वन विभाग को चकमा देता रहा, लेकिन मंगलवार रात उसकी भूख उसे मौत के कुएं (पिंजरे) तक खींच लाई.
रेंजर निशानगाड़ा सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के बाद से ही वन विभाग अलर्ट है, घटना के दोनों गांव भट्टा बरगद पुरवा और आजमगढ़ पुरवा में पिंजरा लगाया गया था जिसमें भट्टा गांव में लगे पिंजरे में तेंदुआ कैद हुआ है. जिसे रेंज कार्यलय लाया गया है अब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्यवाही की जाएगी.











