महाराष्ट्र: ‘2 शिफ्टों में काम, वर्क प्रेशर…’ FDA कमिश्नर तुकाराम अपने ही विभाग के निशाने पर, 29 कर्मचारियों ने मंत्री से की शिकायत; क्या-क्या आरोप?

महाराष्ट्र के मुंबई में रेस्टोरेंट-होटल संचालकों में एक आईएएस अफसर की दहशत है. अफसर का नाम तुकाराम मुंढे है, जोकि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ( FDA) के कमिश्नर हैं. FDA की टीम ने दो महीने के भीतर पूरे प्रदेश में 1100 से अधिक छापे मारे. इस दौरान 50 से अधिक रेस्टोरेंट के फूड लाइसेंस कैंसल कर दिए गए. इस बीच, अब उनके ही विभाग के कर्मचारियों ने उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. छत्रपति संभाजीनगर स्थित FDA लैब के 29 अधिकारी-कर्मचारियों ने मंत्री नरहरी झिरवाल को लिखित शिकायत दी है.
छत्रपति संभाजीनगर की राज्य अन्न एवं औषध प्रशासन प्रयोगशाला के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 15 जुलाई को मंत्री नरहरी झिरवाल को एक ज्ञापन भेजा. इस शिकायत पत्र पर कुल 29 अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं. इसमें तुकाराम मुंढे की कार्यप्रणाली को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं. कर्मचारियों का कहना है कि लैब में अचानक दो शिफ्ट में काम शुरू करने का फैसला लिया गया, लेकिन इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं. कर्मचारियों के मुताबिक पहले से ही बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जिसके कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है.
तुकाराम पर कर्मचारियों के क्या-क्या आरोप?
- बड़ी संख्या में पद खाली हैं और मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ रहा है
- प्रयोगशाला में अचानक दो शिफ्ट शुरू करने का फैसला लिया गया, लेकिन इसके लिए जरूरी जनशक्ति उपलब्ध नहीं है
- सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक बढ़े हुए समय में काम करवाने का आरोप लगाया गया है
- शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों के दिन भी काम करने के आदेश दिए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी है
- बढ़े हुए काम के मुकाबले अतिरिक्त कर्मचारी, तकनीकी सहायक और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं
- खाने-पीने की चीजों, दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों के लंबित नमूनों का निपटारा जल्दबाजी में करवाया जा रहा है, जिससे विश्लेषण की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है
- भारतीय औषध संहिता (IP), ब्रिटिश फार्माकोपिया (BP) और यूनाइटेड स्टेट्स फार्माकोपिया (USP) जैसे मानकों के अनुसार जांच के लिए पर्याप्त समय जरूरी है, लेकिन वह नहीं मिल रहा है
- एक विश्लेषक महीने में सीमित संख्या में ही नमूनों की जांच कर सकता है, लेकिन उससे अधिक नमूनों की जांच का दबाव बनाया जा रहा है
- दो शिफ्ट शुरू करने से पहले प्रयोगशाला की क्षमता, उपकरण और जनशक्ति बढ़ाने की मांग की गई है
- पहले वाली कार्यालयीन समय व्यवस्था लागू करने और दो शिफ्ट का फैसला रद्द करने की मांग की गई है अतिरिक्त काम के लिए उचित भत्ते और सुविधाएं देने की मांग की गई है
- लगातार बदलते आदेशों और कार्यालय समय को लेकर कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है
- कर्मचारियों ने मांग की है कि प्रयोगशाला विश्लेषण की गुणवत्ता से समझौता न हो और नमूनों का निपटारा जल्दबाजी में न किया जाए
तुकाराम मुंढे को डबल झटका: FDA की कार्रवाई पर मुंबई हाईकोर्ट ने भी उठाए सवाल
एक तरफ तुकाराम मुंढे की कार्यप्रणाली पर 29 अधिकारी-कर्मचारियों ने आपत्ति जताई है, वहीं दूसरी तरफ मुंबई हाईकोर्ट ने भी अन्न व औषध प्रशासन (FDA) की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ निजी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय सरकारी और मंत्रियों के स्वामित्व वाले संस्थानों की भी जांच की जानी चाहिए मंत्रालय, हाईकोर्ट और सरकारी व अर्धसरकारी संस्थानों की कैंटीन की भी तुरंत जांच कर शुक्रवार तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं.











