मैहर पुलिस पर युवक की बेरहमी से पिटाई का आरोप: पैर फ्रैक्चर, पत्नी ने CM हेल्पलाइन में की शिकायत

मैहर: जिले के बदेरा थाना क्षेत्र में खाकी एक बार फिर विवादों के घेरे में है. एक 30 वर्षीय युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़ित का दावा है कि पुलिस की पिटाई से उसका पैर फ्रैक्चर हो गया है, जबकि पुलिस इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित की पत्नी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में न्याय की गुहार लगाई है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, घटना 3 मार्च 2026 की है. रामभजन प्रजापति और प्रमोद कोल नामक दो व्यक्तियों ने पारधी समुदाय के कुछ लोगों पर लूटपाट का आरोप लगाते हुए बदेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे मुकेश साकेत के ईंट भट्ठे पर काम करते हैं और लूटी गई राशि उन्होंने मुकेश से ही ली थी. इसी सिलसिले में बयान दर्ज करने के लिए पुलिस ने 4 मार्च को मुकेश साकेत (30) को थाने बुलाया था.
पीड़ित का आरोप: बोलेरो के पीछे ले जाकर पीटा
पीड़ित मुकेश साकेत ने आरोप लगाया है कि जब वह थाने पहुँचा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे एक बोलेरो वाहन के पीछे ले जाकर बेरहमी से पीटा. पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मारपीट के कारण मुकेश का पैर टूट गया है. परिजनों के अनुसार, घटना के समय वहाँ चार चश्मदीद गवाह मौजूद थे और मेडिकल रिपोर्ट में भी फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. घटना से आक्रोशित पीड़ित की पत्नी अंजू साकेत ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है.
पुलिस का पक्ष: छीनाझपटी के दौरान लगी चोट
दूसरी ओर, बदेरा थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है. थाना प्रभारी का तर्क है कि युवक शराब के नशे में थाने आया था. जब पुलिसकर्मी उसे मेडिकल जांच के लिए ले जा रहे थे, तब उसने छीनाझपटी करने की कोशिश की और उसी दौरान उसे चोट लग गई.से मारपीट की गई, जिससे उसका पैर तीन जगह से टूट गया. मेडिकल जांच में भी फ्रैक्चर की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो बदेरा थाना से जुड़ी कई शिकायतें पहले भी सीएम हेल्पलाइन, आईजी रीवा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई संभव है. इधर चर्चा यह भी है कि वर्तमान थाना प्रभारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं. बताया जा रहा है कि देहात मैहर के नादन थाने में पदस्थ रहते हुए रेडियम पट्टी कांड भी सामने आया था, जो उस समय काफी चर्चा में रहा. अब बड़ा सवाल यही है कि शिकायत के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करेंगे या फिर मामला दबा दिया जाएगा. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
फिलहाल, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन सवालों ने क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में क्या निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हैं.











