करोड़ों की संपत्ति वाले विधायक ने बदला हुलिया, एक दिन भिखारी बनकर सड़कों पर मांगी मदद

महाराष्ट्र के घाटकोपर से विधायक पराग शाह ने आम लोगों की जिंदगी और उनकी रोजमर्रा की परेशानियों को करीब से समझने के लिए अनोखा प्रयोग किया। करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक शाह ने अपना हुलिया बदला और एक दिन भिखारी के रूप में मुंबई की सड़कों पर बिताया। इस दौरान उन्होंने लोगों से मदद मांगी और आम नागरिकों के साथ होने वाले व्यवहार को करीब से महसूस किया।
गुरु की सीख पर किया अनोखा प्रयोग
पराग शाह ने साधारण कपड़े पहनकर अपना रूप बदला और घाटकोपर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर भिखारी के रूप में घूमे। बताया गया कि उन्होंने यह प्रयोग अपने गुरु की सीख और निर्देश पर किया। इसका उद्देश्य राजनीतिक प्रचार करना नहीं, बल्कि समाज के उस वर्ग के जीवन को समझना था, जिसे रोजाना आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
भिखारी के वेश में रहने के दौरान शाह ने अपने ही निर्वाचन क्षेत्र को एक अलग नजरिए से देखा। इस दौरान किसी को उनके विधायक होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने लोगों के व्यवहार और प्रतिक्रियाओं को करीब से महसूस किया।
कहीं मदद मिली तो कहीं उपेक्षा का सामना
सड़कों पर लोगों से मदद मांगने के दौरान उन्हें अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं मिलीं। कुछ लोगों ने दया दिखाते हुए मदद की, जबकि कई लोग बिना ध्यान दिए आगे निकल गए। कुछ लोगों की प्रतिक्रिया नकारात्मक भी रही। इस अनुभव से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि सड़कों पर जीवन बिताने वाले लोगों को किस तरह की परिस्थितियों और व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
इस दौरान शाह ने सड़क पर सफाई का काम भी किया। उनके इस प्रयोग का वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर राजनीतिक और सामाजिक पहचान के बीच रहने वाले विधायक ने एक दिन के लिए अपनी पहचान पूरी तरह छिपाकर लोगों के बीच रहने का अनुभव लिया।
आम लोगों की मुश्किलों को करीब से समझने की कोशिश
पराग शाह का यह प्रयोग उनके लिए आम नागरिकों की जिंदगी को अलग नजरिए से देखने का अवसर रहा। एक दिन भिखारी के रूप में बिताने के बाद वे अपनी सामान्य भूमिका में लौट आए, लेकिन इस अनुभव के जरिए उन्होंने समाज में मौजूद दया, उपेक्षा और उदासीनता जैसे अलग-अलग पहलुओं को करीब से महसूस किया।
शाह को देश के सबसे अधिक संपत्ति वाले विधायकों में शामिल बताया जाता है। ऐसे में उनका यह प्रयोग इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अपनी आर्थिक और राजनीतिक पहचान से अलग होकर एक दिन बेहद सामान्य और कठिन परिस्थितियों में बिताया।











