राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क बाधित, NHAI ने DoT और TRAI से कनेक्टिविटी सुधार की मांग की

देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दूरसंचार विभाग और ट्राई को अलर्ट किया है। एनएचएआई ने बताया कि करीब 1750 किलोमीटर के 424 डेड जोन में मोबाइल नेटवर्क कमजोर या अनुपलब्ध है, जिससे सड़क सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और हाईवे संचालन प्रभावित हो रहे हैं।
एनएचएआई ने कहा कि कई हाईवे ग्रामीण और दुर्गम इलाकों से गुजरते हैं, जहां भरोसेमंद मोबाइल नेटवर्क न होने से दुर्घटना की स्थिति में इमरजेंसी रिस्पांस धीमा पड़ता है। खास तौर पर हादसों के बाद ‘गोल्डन आवर’ में एंबुलेंस बुलाने और पुलिस या हाईवे पेट्रोल को सूचना देने में देरी होती है।
एनएचएआई ने TRAI से आग्रह किया है कि दुर्घटना संभावित इलाकों में जियो-मैप्ड SMS या फ्लैश SMS अलर्ट जारी करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटरों को निर्देश दें। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को पहले से सतर्क करना और दुर्घटनाओं की संभावना कम करना है।
एनएचएआई का कहना है कि FASTag, e-way मॉनिटरिंग, ANPR कैमरे और डिजिटल टोलिंग जैसी तकनीकों पर निवेश हुआ है, लेकिन ये सभी रियल-टाइम डिजिटल सेवाएं भरोसेमंद मोबाइल नेटवर्क पर ही निर्भर करती हैं। नेटवर्क की कमी से ये सिस्टम आंशिक रूप से ही प्रभावी रह पाते हैं।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और नए हाईवे अक्सर ऐसे इलाकों से गुजरते हैं जहां पहले टेलीकॉम टावर नहीं थे। इसलिए नेटवर्क विस्तार अपने आप नहीं होता, जब तक सरकारी निर्देश न हों। एनएचएआई का कहना है कि यह केवल मोबाइल कवरेज का मामला नहीं है, बल्कि डिजिटल हाईवे विज़न का भी मुद्दा है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग भौतिक और डिजिटल रूप से सुरक्षित और सक्षम बन सकें।











