Mp Excise Policy 2026- नई आबकारी नीति, शराब के शौकीनों की जेब होगी ढीली, नर्मदा तट और पवित्र शहरों में पाबंदी बरकरार
स्पिरिट पर फीस 6 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति प्रूफ लीटर और बीयर पर फीस 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति बल्क लीटर कर दी गई है। इन बदलावों और आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि के चलते प्रदेश में शराब की कीमतों में औसतन 20% तक का इजाफा होने की संभावना है। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि अब शराब निर्माताओं को अपने ब्रांड की कीमत बढ़ाने के लिए आबकारी आयुक्त की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी, वे स्वयं पोर्टल पर कीमतें घोषित कर सकेंगे।
Mp Excise Policy 2026/मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश की नई आबकारी नीति का ऐलान कर दिया है। इस नई नीति में जहाँ एक ओर राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
नई नीति के तहत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नर्मदा नदी के पावन तटों से 5 किलोमीटर की परिधि में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके साथ ही, प्रदेश के घोषित पवित्र नगरों में भी मदिरा की बिक्री पर पूर्ण पाबंदी बरकरार रखी गई है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि प्रदेश में कोई भी नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी और पूर्व की तरह ही अहाते पूरी तरह बंद रहेंगे, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने की प्रवृत्ति पर अंकुश बना रहे।
शराब प्रेमियों के लिए इस नई नीति का सबसे बड़ा असर कीमतों पर पड़ने वाला है। सरकार ने विदेशी मदिरा की बॉटलिंग फीस और स्पिरिट पर लगने वाली फीस में दोगुनी वृद्धि कर दी है।
स्पिरिट पर फीस 6 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति प्रूफ लीटर और बीयर पर फीस 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति बल्क लीटर कर दी गई है। इन बदलावों और आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि के चलते प्रदेश में शराब की कीमतों में औसतन 20% तक का इजाफा होने की संभावना है। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि अब शराब निर्माताओं को अपने ब्रांड की कीमत बढ़ाने के लिए आबकारी आयुक्त की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी, वे स्वयं पोर्टल पर कीमतें घोषित कर सकेंगे।
नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश की सभी 3553 शराब दुकानों का आवंटन अब पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने दुकानों के नवीनीकरण (Renewal) का विकल्प पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे ठेकेदारों के एकाधिकार यानी मोनोपॉली को खत्म किया जा सके।
दुकानों के समूह इस तरह बनाए जाएंगे कि एक समूह में अधिकतम 5 दुकानें ही हों। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जालसाजी रोकने के कड़े इंतजाम किए हैं। अब प्रतिभूति राशि (Security Deposit) के रूप में केवल ई-चालान या ई-बैंक गारंटी ही स्वीकार की जाएगी; पुरानी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या साधारण बैंक गारंटी की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है।Mp Excise Policy 2026
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी इस नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने प्रदेश के जनजातीय स्व-सहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा (हेरिटेज वाइन) को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है।Mp Excise Policy 2026








