धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नहीं संतुष्ट बोले अभिजीत दीपके, हम सरकार भी बदल सकते हैं’

आंदोलन खत्म होने के बाद महाराष्ट्र के संभाजीनगर स्थित अपने घर पहुंचे अभिजीत दीपके ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में पुलिस छात्रों के घर पहुंचकर उन्हें परेशान कर रही है और हिरासत व गिरफ्तारी का डर दिखाया जा रहा है। अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्र कोई अपराधी या आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि वे देश का भविष्य हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने छात्रों के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रखा तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि अभी छात्रों ने केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष किया है, लेकिन अगर छात्रों को लगातार परेशान किया गया तो वे सरकार बदलने की ताकत भी रखते हैं।

सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान से नाराज नहीं, पूरी सरकार से गुस्सा हैं छात्र

अभिजीत दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवा एक बड़ी जीत के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन सरकार को यह नहीं समझना चाहिए कि छात्र अब शांत हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों के सामने लगातार परेशानियां खड़ी की गईं तो आंदोलन दोबारा शुरू हो सकता है। CJP फाउंडर ने आरोप लगाया कि छात्रों को डराने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को छात्रों के घर भेजकर उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए और सरकार को इस चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों ने सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ आवाज नहीं उठाई थी, बल्कि वे पूरी व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे। अभिजीत दीपके ने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की।

सरकार के फैसले से संतुष्ट नहीं CJP

NEET पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली सरकार की घोषणा से संतुष्ट नहीं है। संगठन ने मांग की है कि आंदोलन में शामिल सभी लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पूरी तरह वापस ली जाएं और किसी भी प्रदर्शनकारी पर बिना शर्त कानूनी कार्रवाई न की जाए।

दरअसल, दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन ऐसे लोगों को नहीं बख्शा जाएगा जिनका आपराधिक इतिहास रहा है या जिन्होंने आंदोलन के दौरान हिंसा में भाग लिया। इसी शर्त को लेकर CJP ने आपत्ति जताई है। वहीं, दिल्ली सरकार ने अपने फैसले के पीछे 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देश का हवाला दिया है। सरकार का कहना है कि हिंसा या आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।

CJP का कहना है कि इस तरह की शर्तों का पुलिस गलत इस्तेमाल कर सकती है और आंदोलन में शामिल आम छात्रों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। संगठन का दावा है कि उसका प्रदर्शन छात्रों के अधिकारों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर था। CJP ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर सभी एफआईआर वापस नहीं ली गईं और छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई हुई तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू कर सकता है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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