भिलाई का कुख्यात बदमाश:21 की उम्र में मर्डर, बेकसूर को गोली मारी, 35 क्राइम किए; 1 साल पहले एनकाउंटर में मारा गया

दुर्ग जिले के भिलाई में अमित जोस एनकाउंटर को 1 साल पूरे हो गए है। 8 नवंबर 2024 को दुर्ग पुलिस ने 16 राउंड फायरिंग कर कुख्यात बदमाश को मार गिराया था। आरोपी अमित पर 35 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। उसने 21 साल की उम्र में एक मर्डर किया था। उसने अपने आखिरी अपराध में एक बेकसूर को गोली मारी थी।

जिसके बाद से पुलिस उसे लगातार ढूंढ रही थी। जानकारी के मुताबिक, आरोपी सेक्टर-6 का रहने वाला था। अमित जोश के खिलाफ दुर्ग-भिलाई के अलग-अलग थानों में मारपीट और गंभीर अपराधों में करीब 35 केस दर्ज हैं। इसमें 25 भिलाई नगर थाने में FIR, 4 सुपेला, 1 दुर्ग कोतवाली, नेवई थाना, कुर्सीपार 1, पदमनाभपुर में 2 FIR हैं।

क्या है गोलीकांड की पूरी कहानी ?

25 जून 2024 को आरोपी अमित जोश की एनिवर्सरी थी। देर रात 2 बजे पार्टी करने के बाद जोश और उसका एक साथी बाइक से घूमने निकले थे। जैसे ही ग्लोब चौक के आगे पहुंचे उन्हें बाइक पर तीन लड़के दिखे। सभी लोग शराब के नशे में थे।

इसी दौरान गाली-गलौज करने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि, अमित जोश ने तीनों लड़कों पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में सुनील यादव और आदित्य सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह अमित जोश का आखिरी अपराध था। इसके बाद वह मारा गया।

कैसे हुई यह वारदात

विश्रामपुर निवासी रमनदीप सिंह अपने दोस्त सुनील यादव और आदित्य सिंह से मिलने भिलाई आया था। सुनील यादव टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी है। आदित्य सिंह उड़ान अकादमी में पीएससी की तैयारी कर रहा है। रमनदीप के आने की खुशी में तीनों ने पार्टी की, फिर आधी रात को ग्लोब चौक से बाइक से घूमने निकले थे, इसी दौरान घटना हुई है।

BSP क्वॉर्टर में कब्जा करने का धंधा था

​​​अमित जोश और स्टालिन ग्रुप दोनों भिलाई नगर एरिया में सक्रिय हैं। इनका मूल काम बीएसपी क्वॉर्टर्स पर कब्जा कर उन्हें किराए पर चढ़ाना है। इससे यह लोग काफी अच्छी कमाई कर लेते हैं। इनके डर से बीएसपी के अधिकारी भी कार्रवाई करने से डरते हैं।

दुर्ग सेंट्रल जेल के असिस्टेंट जेलर के घर किया था हमला

3 साल पहले दुर्ग केंद्रीय जेल के असिस्टेंट जेलर अशोक साव के घर देर रात कुछ हथियारबंद नकाबपोशों ने हमला किया था। उन्होंने साव के घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की थी। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात बदमाश अमित जोश को गिरफ्तार किया था।

अब जानिए पूरा मामला

8 नवंबर को भिलाई क्राइम ब्रांच की टीम ने निगरानी बदमाश अमित जोस को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। पुलिस अमित को पकड़ने गई थी, इस दौरान अमित ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में 3 गोलियां लगने से अमित जोस मारा गया। भिलाई में एनकाउंटर हुए एक साल पूरे हो गए हैं। दुर्ग जिले में 2010 के बाद 2024 में यानी 14 साल बाद किसी अपराधी का एनकाउंटर हुआ था।

ऐसा था एनकाउंटर का पूरा सीन

पुलिस बदमाश अमित जोश पर पुलिस लगातार नजर बनाकर रखी थी। इसी बीच पता चला कि वह पिछले 3 दिनों से भिलाई में है। हाल ही जेल से छूटे अपने जीजा लकी जॉर्ज से मिलने भिलाई पहुंचा था। जैसे ही इसकी जानकारी क्राइम ब्रांच को हुई, ACCU की टीम मौके पर पहुंची।

आरोपी को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई। 8 नवंबर को जोश के ठिकाने पर छापेमारी की गई। लॉज से लेकर हर जगहों पर तलाशी की गई। इस दौरान पुलिस और आरोपी की जयंती स्टेडियम के पास आमना-सामना हो गया।

जोश ने पुलिस की एक टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी। इस दौरान आरोपी भागते हुए भी पुलिस पर 6-7 गोलियां चलाई। इसके बाद पुलिस ने जवाब में करीब 16 राउंड फायरिंग की। इसमें से आरोपी को 3 गोलियां लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।

कौन था अमित जोस?

अमित जोस को गुंडागर्दी विरासत में मिली थी। पुलिस रिकॉर्ड में मुताबिक अमित का पिता आरजी बोल्ड मोरिस भी थाने का लिस्टेड गुंडा-बदमाश रहा है। इसके अलावा उसकी मां के खिलाफ भी भिलाई नगर थाने में अपराध दर्ज है।

इस तरह के माहौल में पलने की वजह से वह बचपन में ही अपराध की दुनिया में आ गया। लोगों के बीच अपनी दहशत कायम करने के लिए मार-पीट लड़ाई, झगड़े शुरू कर दिए। 2005 में महज 14 साल की उम्र में उसके खिलाफ भिलाई नगर थाने में अपराध दर्ज हुआ।

यहीं से अपराध की शुरुआत हुई। 2013 में 21 साल की उम्र में अमित ने पहली हत्या की। इसके बाद एक के बाद एक 36 अपराध किए। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, अवैध वसूली, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला जैसे संगीन अपराध शामिल थे।

जेलर को भी नहीं बख्शा

3 साल पहले दुर्ग केंद्रीय जेल के असिस्टेंट जेलर अशोक साव के घर देर रात अमित जोश और साथियों ने नकाब पहनकर हथियार लेकर हमला किया था। उन्होंने साव के घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की थी। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात बदमाश अमित जोश को गिरफ्तार किया था।

अब चैप्टर क्लोज

एनकाउंटर के बाद क्राइम सीन को सुरक्षित कर दिया गया था। घटना स्थल पर ब्लड के सैंपल, आरोपी के कपड़े और अन्य सामानों को जुटाया गया। सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा।

तत्कालीन दुर्ग SP जितेंद्र शुक्ला ने क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन के लिए 3 सदस्यीय टीम गठित की थी। जिसकी मॉनिटरिंग सिटी ASP सुखनंदन राठौर कर रहे थे। भिलाई नगर की सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि सारे तथ्यों और क्राइम सीन की सही तरीके से जांच हो गई थी। अब उसकी फाइल क्लोज हो चुकी है।