महाकाल मंदिर में आज रात NSG का ‘ऑपरेशन महाकाल’, 3 घंटे चलेगी मॉक ड्रिल, आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने का किया जाएगा अभ्यास

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर NSG कमांडो गुरुवार देर रात मॉक ड्रिल करेंगे। दरअसल रात 11 बजे से शुक्रवार तड़के 2 बजे तक चलने वाले ‘ऑपरेशन महाकाल’ में आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने और मंदिर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया जाएगा। वहीं इस दौरान महाकाल लोक, मानसरोवर भवन और त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को परखा जाएगा।

दरअसल उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारी जांचेंगी। इस मॉक ड्रिल में NSG के ब्लैक कैट कमांडो आधुनिक हथियारों के साथ हिस्सा लेंगे। अभ्यास के दौरान आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति बनाई जाएगी जिसके आधार पर कमांडो कार्रवाई और रेस्क्यू का अभ्यास करेंगे।

रात 11 से 2 बजे तक चलेगा ऑपरेशन महाकाल

जानकारी के अनुसार ‘ऑपरेशन महाकाल’ गुरुवार रात 11 बजे शुरू होकर शुक्रवार तड़के 2 बजे तक चलेगा। इस दौरान महाकाल लोक, मानसरोवर भवन और त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के आसपास मॉक ड्रिल की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां इस अभ्यास के जरिए यह परखेंगी कि मंदिर परिसर में अचानक आतंकी हमले जैसी स्थिति बनने पर कितनी तेजी से कार्रवाई की जा सकती है। अभ्यास में कमांडो मंदिर परिसर में छिपे काल्पनिक आतंकियों को तलाशने और उन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके साथ ही वहां फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी किया जाएगा।

दरअसल इस तरह की मॉक ड्रिल का मकसद सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को जांचना और आपात स्थिति में अलग-अलग टीमों के बीच तालमेल को परखना है। यह अभ्यास देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील इमारतों की सुरक्षा तैयारियों की जांच के तहत किया जा रहा है। रात का समय तय करने से सुरक्षा टीमों को निर्धारित योजना के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई का अभ्यास करने का मौका मिलेगा।

इमरजेंसी रास्तों की होगी जांच

वहीं महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना औसतन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। पर्वों और खास मौकों पर यहां आने वाले लोगों की संख्या और बढ़ जाती है। इतनी बड़ी भीड़ के बीच किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी होती है। वहीं इसी को ध्यान में रखते हुए NSG कमांडो मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों, आपातकालीन रास्तों और रणनीतिक रूप से अहम जगहों का बारीकी से अध्ययन करेंगे। अभ्यास के दौरान यह देखा जाएगा कि जरूरत पड़ने पर किस रास्ते से तेजी से कार्रवाई की जा सकती है और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए किन जगहों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

2023 में भी महाकाल मंदिर में हुई थी NSG की मॉक ड्रिल

बता दें कि महाकाल मंदिर में NSG कमांडो पहले भी आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कर चुके हैं। 26 सितंबर 2023 को मंदिर परिसर में सुरक्षा अभ्यास किया गया था। उस दौरान भी संभावित आतंकी घटना से निपटने और रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया गया था।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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