कथावाचक आशुतोष चैतन्य की गिरफ्तारी के कोर्ट में हंगामा:बिलासपुर में सतनामी समाज के लोगों ने किया प्रदर्शन, कहा- सतनामी तुम्हारा बाप है

बिलासपुर में कथावाचक आशुतोष चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सतनामी समाज के युवा जिला अदालत पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के सामने नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान कथावाचक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सतनामी तुम्हारा बाप है।

इस बवाल के बाद हरकत में आई पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, अभी किसी की पहचान नहीं की गई है। लिहाजा, अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

दरअसल, कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने तखतपुर में आयोजित में सतनामी समाज को मूर्ख और गाय काटने वाला समाज बताया था। उन्होंने कहा था कि तखतपुर में कितनी गायें कट रही हैं, आपको पता है? जो पहले सनातनी थे, वो आज सतनामी हो गए। उन मूर्खों को यह समझ नहीं आता कि सतनामी का मतलब क्या होता है। ये गायों को काट रहे हैं।

सतनामी समाज ने कथावाचक के खिलाफ किया प्रदर्शन

कथावाचक के विवादित बयान के बाद सतनामी समाज के युवकों ने तखतपुर थाने का घेराव कर दिया था। कथावाचक पर केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। बढ़ते विवाद के बाद पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ FIR दर्ज की।

कथा खत्म होते ही कथावाचक गिरफ्तार

पुलिस ने 15 नवंबर को कथा खत्म होते ही कथा स्थल से आशुतोष चैतन्य को अरेस्ट कर लिया। जिसके बाद उन्हें जिला कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही पेशी के दौरान समाज के युवक कोर्ट परिसर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। पुलिसकर्मी ने उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन भीड़ उपद्रव मचाते हुए नारेबाजी करती रही।

प्रदर्शनकारियों के विरोध में भड़का आक्रोश, पुलिस ने दर्ज किया केस

हिंदू संगठन से जुड़े धनंजय गोस्वामी ने अपने पोस्ट में कहा कि संत को गिरफ्तार कर कोर्ट लाई, तब एक भीड़ आई, जो संत को गाली-गलौज करते हुए पाखंडी बोलकर उन्हें मारपीट करने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने व्यवस्था संभाली, नहीं तो बड़ी घटना हो जाती। लेकिन, ऐसे लोगों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जो बलौदाबाजार आगजनी कांड के आरोपी है, वो जिला कोर्ट में बलौदाबाजार जैसा माहौल बनाने का प्रयास कर रहे थे। वायरल वीडियो के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने इस मामले में दूसरे पक्ष के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।

हालांकि, एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया है। पुलिस का दावा है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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