स्क्रैप चोरी मामले में फरार बाप-बेटे पर इनाम घोषित: पुलिस ने सूचना देने वालों से मांगी मदद

दुर्ग जिले में बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की घोषणा की है। मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है। साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस जांच के अनुसार यह मामला फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में चोरी किए गए स्क्रैप के अवैध परिवहन और कारोबार से जुड़ा है। जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां कई हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेटें, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री बरामद की गई। मौके से बड़ी मात्रा में स्क्रैप के अलावा परिवहन और लोडिंग में उपयोग किए जा रहे वाहन एवं मशीनें भी जब्त की गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि फ्लू डस्ट की ढुलाई के नाम पर भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया स्क्रैप अवैध रूप से बाहर भेजा जा रहा था। इसके बाद मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई और कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया।
करोड़ों की संपत्ति जब्त, आठ आरोपी जेल में
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहन और मशीनों समेत कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ मुख्य आरोपी संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद दोनों पर इनाम घोषित किया गया।
अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच
मामले में कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। शिकायतकर्ता द्वारा कई नामों की जानकारी पुलिस को दी गई है, हालांकि अब तक किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संदिग्धों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









