रायपुर में नाबालिग वाहन चालकों पर पुलिस की सख्ती, 61 छात्रों के अभिभावकों की काउंसलिंग

रायपुर में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर सख्ती शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर की गई जांच के दौरान 61 नाबालिग छात्रों को दोपहिया वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। इसके बाद सभी छात्रों के अभिभावकों को यातायात मुख्यालय बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं देने की हिदायत दी गई।
पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की यातायात शाखा द्वारा चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के बाहर इस तरह की जांच आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी ताकि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
काउंसलिंग के दौरान अभिभावकों को सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े वीडियो और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कम उम्र में वाहन चलाने के जोखिमों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं को रोकना है।
यातायात पुलिस ने अभिभावकों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के प्रावधानों की भी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग को वाहन चलाने देना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक या अभिभावक पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक की सजा और नाबालिग के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए जाने का प्रावधान है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए अधिकांश छात्रों की यह पहली गलती थी। इसलिए उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि सुविधा के लिए बच्चों को दोपहिया वाहन न दें और स्कूल आने-जाने के लिए स्कूल बस या अन्य सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का ही उपयोग करें।
यातायात पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। यदि भविष्य में नाबालिग वाहन चलाते पाए गए तो संबंधित वाहन मालिक और अभिभावकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











