पूर्व आबकारी अधिकारी पर लोकायुक्त का शिकंजा: 28 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, 3 बैंक लॉकरों से 2 करोड़ के सोने-हीरे जब्त, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप!

मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आबकारी अधिकारी के ठिकानों पर की गई छापेमारी में करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा किया है।

इस कार्रवाई के दौरान, तीन बैंक लॉकरों से 2 करोड़ रुपये से अधिक के सोने-हीरे के आभूषण जब्त किए गए हैं, जिसने सभी को चौंका दिया है। वहीं, अब तक की जांच में 28 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है, जो अधिकारी की वैध आय से कई गुना अधिक है।

लोकायुक्त टीम को छापेमारी के दौरान कई बैंक खातों, निवेश दस्तावेजों और अचल संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान बेहिसाब संपत्ति अर्जित की, जो उनकी सरकारी आय के अनुपात में कहीं अधिक थी। लोकायुक्त टीम ने इस मामले में इंदौर, भोपाल और उज्जैन सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

करोड़ों की संपत्ति का खुलासा:
जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त टीम द्वारा तीन बैंक लॉकरों को खोले जाने के बाद बड़ी मात्रा में सोने की ईंटें, हीरे-जवाहरात, चांदी के सिक्के और अन्य कीमती आभूषण बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।

इसके अलावा, टीम ने इंदौर और भोपाल में बने कई आलीशान मकान, प्लॉट और कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं। यह भी सामने आया है कि कुछ संपत्तियां अधिकारी ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर खरीदी थीं, जिनकी जांच अब लोकायुक्त द्वारा गहनता से की जा रही है।

कार्रवाई से मचा हड़कंप:
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुल संपत्ति का मूल्यांकन और अधिक बढ़ सकता है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, जब्त की गई और सामने आई संपत्ति का कुल मूल्य 30 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की संभावना है।

टीम अब अधिकारी के बैंक खातों, विभिन्न निवेशों और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि अवैध संपत्ति के सभी स्रोतों का पता लगाया जा सके। लोकायुक्त की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इसे हाल के वर्षों में इंदौर और आसपास के जिलों में हुई सबसे बड़ी लोकायुक्त कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।