राहुल गांधी ने किया था RSS की अभिव्यक्ति का समर्थन, आज भागवत बोले-विपक्ष लोकतंत्र का हिस्सा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत लगातार युवाओं से संवाद पर जोर दे रहे हैं. शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने लोकतंत्र में विरोध, बहस और आंदोलनों की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा बहस, संवाद, विरोध और प्रदर्शन सभी लोकतंत्र के हिस्से हैं, लेकिन लोगों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहना चाहिए. भागवत ने विपक्ष को लोकतंत्र का हिस्सा बताया. उनका ये बयान काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने RSS की अभिव्यक्ति का समर्थन किया था.
‘कभी-कभी विरोध भी जरूरी होता है’
कार्यक्रम में भागवत ने कहा ‘विभिन्न विचार होंगे और उन्हें व्यक्त करने के विभिन्न तरीके होंगे. यही लोकतंत्र है. इसलिए, संवाद, वाद-विवाद और अपने तर्क प्रस्तुत करने एवं दूसरों के तर्कों का उत्तर देने की प्रक्रिया अनिवार्य है. परस्पर विरोधी दृष्टिकोण स्वाभाविक रूप से उभरेंगे, और कभी-कभी विरोध भी आवश्यक होता है. जब जनहित में प्रश्न उठाए जाते हैं, तो उन्हें सशक्त रूप से उठाया जाना चाहिए. हमें उन प्रश्नों का समर्थन करने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगानी चाहिए’.
आंबेडकर के भाषणों का जिक्र
अपने संबोधन के दौरान भागवत ने संविधान निर्माण के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर के भाषणों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश इन मुद्दों पर उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते का अनुसरण कर सकता है.
RSS प्रमुख ने कहा ‘विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हो सकते हैं. ये सब लोकतंत्र का हिस्सा हैं. लेकिन ऐसा करते समय हमें हमेशा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहना चाहिए. जब डॉ. बी.आर. अंबेडकर संविधान निर्माताओं द्वारा देश को संविधान प्रदान करने के दौरान बोल रहे थे, तब उन्होंने अपने दो भाषणों में इन सभी पहलुओं को संबोधित किया था. हम उस मार्ग का अनुसरण कर सकते हैं’.
युवाओं को लेकर कही ये बात
भागवत ने भारत के युवाओं को उचित रूप से शामिल करने और मार्गदर्शन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि वो देश के जनसांख्यिकीय लाभांश” हैं और यदि उनका अच्छी तरह से पोषण किया जाए तो वे एक प्रमुख संपत्ति बन सकते हैं।
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में देश के युवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही.युवाओं को उचित रूप से शामिल करने और मार्गदर्शन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने युवाओं को भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड (Demographic Dividend) यानी जनसांख्यिकीय लाभ बताया. उन्होंने कहा कि अगर युवाओं को सही तरीके से तैयार किया जाए और उन्हें उचित दिशा दी जाए, तो वे देश के लिए बड़ी ताकत बन सकते हैं.
भागवत ने कहा कि युवाओं की क्षमता का सही इस्तेमाल नहीं हुआ तो यही युवा भविष्य में समाज के लिए बोझ बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि आज का युवा करीब 30 साल बाद बुजुर्ग पीढ़ी का हिस्सा होगा. इसलिए उसे आने वाली पीढ़ी के प्रति भी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता रखनी होगी.
राहुल गांधी ने किया RSS की अभिव्यक्ति का समर्थन
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने RSS को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने RSS की अभिव्यक्ति का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि RSS की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश शुरू हुई तो वो उस दिन उनकी भी रक्षा करेंगे, क्योंकि उनकी भी अभिव्यक्ति की आजादी है.
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस किसी की अभिव्यक्ति को रोकने के पक्ष में नहीं है. यहां तक कि अगर कभी RSS की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने या उसकी आवाज दबाने की कोशिश होगी, तो वह उसकी भी रक्षा करेंगे, क्योंकि अभिव्यक्ति की आजादी उसका भी अधिकार है. उन्होंने कहा था कि हम किसी को रोकना नहीं चाहते, हमारा कहना है कि हर किसी का फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि हर व्यक्ति अपने मन की बात कह सकता है, लेकिन किसी को दूसरे व्यक्ति की अभिव्यक्ति पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है.











