सिम्स में 78 वर्षीय महिला का दुर्लभ कैंसर ऑपरेशन सफल, अंडाशय से निकला एक किलो का ट्यूमर

बिलासपुर के सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहली बार 78 वर्षीय महिला के अंडाशय में बने बड़े कैंसरयुक्त ट्यूमर की सफल सर्जरी की गई। जटिल और उच्च जोखिम वाले इस ऑपरेशन के बाद महिला की हालत स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं। मरीज को आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया।

जटिल सर्जरी से हटाया गया बड़ा कैंसरयुक्त ट्यूमर

दर्रीघाट निवासी महिला पिछले कई महीनों से पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द से परेशान थीं। निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 2 से 3 लाख रुपए का खर्च बताया गया था, जिसके बाद परिजन उन्हें सिम्स लेकर पहुंचे। जांच में पता चला कि उनके बाएं अंडाशय में 15×12×10 सेंटीमीटर आकार का करीब एक किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर था, जो आसपास के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव बना रहा था। डॉक्टरों ने कैंसर स्टेजिंग सर्जरी, ट्यूमर हटाने, गर्भाशय और दोनों अंडाशय निकालने, बाईं मूत्रवाहिनी की मरम्मत और उसमें डबल-जे स्टेंट लगाने जैसी कई जटिल प्रक्रियाएं एक साथ सफलतापूर्वक पूरी कीं।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और आधुनिक सुविधाओं से मिली सफलता

इस ऑपरेशन का नेतृत्व गायनेकोलॉजिकल सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. संगीता रमन जोगी ने किया, जबकि जनरल सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की विशेषज्ञ टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि इतने बड़े अंडाशय ट्यूमर की सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और मूत्रवाहिनी, मूत्राशय तथा आंत जैसे अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है, लेकिन सटीक योजना, बेहतर एनेस्थीसिया प्रबंधन और टीम वर्क से ऑपरेशन सफल रहा। सिम्स प्रशासन का कहना है कि अब अस्पताल में ऐसे जटिल और दुर्लभ कैंसर मामलों का भी सफल इलाज आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से किया जा रहा है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com