पांच साल से खड़े रहकर तपस्या में लीन साधु, मां की मौत के बाद चुना वैराग्य का मार्ग

छत्तीसगढ़ के एक साधारण परिवार से निकलकर आध्यात्मिक जीवन अपनाने वाले दौलतगिरी महाराज इन दिनों अपनी पांच वर्षीय खड़ी तपस्या को लेकर चर्चा में हैं। हरियाणा के पानीपत जिले के एक शिव मंदिर में रहकर वे पिछले कई वर्षों से बिना बैठे और बिना लेटे साधना कर रहे हैं। लंबे समय तक खड़े रहने के कारण उनके पैरों में गंभीर सूजन आ चुकी है, लेकिन उन्होंने अपने संकल्प को जारी रखा है।

मां के निधन ने बदल दी जीवन की दिशा

दौलतगिरी महाराज का मूल नाम दिनेश राजपूत है। उनका जन्म छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के एक गांव में हुआ था। बचपन से पढ़ाई में होनहार दिनेश का सपना सरकारी नौकरी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का था। लेकिन वर्ष 1999 में उनकी मां गंभीर रूप से बीमार हो गईं। कई महीनों तक इलाज के बाद मां का निधन हो गया, जिसने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया।

मां की मृत्यु के बाद उनका मन सांसारिक जीवन से हटने लगा और वे आध्यात्मिक चिंतन की ओर आकर्षित हुए। कुछ समय बाद उन्होंने घर छोड़ दिया और साधु-संतों के सानिध्य में रहकर आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की। दीक्षा ग्रहण करने के बाद उनका नाम दौलतगिरी महाराज रखा गया।

परिवार से दूरी, साधना का कठिन संकल्प

साधु जीवन अपनाने के बाद परिवार ने उन्हें वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपने निर्णय पर अडिग रहे। इसके बाद सामाजिक परंपराओं के अनुसार परिवार से उनके संबंध समाप्त हो गए। इसी दौरान उन्होंने पांच वर्षों तक खड़े रहकर तपस्या करने का संकल्प लिया।

इस कठिन साधना में वे बैठते या लेटते नहीं हैं। पूजा-पाठ, भोजन और दैनिक गतिविधियां भी विशेष नियमों के तहत पूरी की जाती हैं। लगातार खड़े रहने के कारण उनके पैरों में सूजन आ गई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन उन्होंने तपस्या जारी रखी।

पानीपत में पूरी होने जा रही तपस्या

दौलतगिरी महाराज पिछले तीन वर्षों से पानीपत के कवि गांव स्थित शिव मंदिर में रहकर अपनी तपस्या कर रहे हैं। उनका पांच वर्षीय संकल्प जल्द पूरा होने वाला है, जिसके लिए मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि महाराज की साधना के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और क्षेत्र की पहचान भी दूर-दूर तक बनी है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी तपस्या और जीवन यात्रा को लेकर विशेष रुचि दिखा रहे हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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