सहारनपुर 10 साल बाद सहारनपुर में लौटा सर्कस, अफ्रीकी कलाकारों के करतब बने पारिवारिक मनोरंजन का केंद्र

सहारनपुर : करीब 10 साल बाद सर्कस की भव्य वापसी ने शहरवासियों को एक बार फिर पारंपरिक पारिवारिक मनोरंजन से जोड़ दिया है। डिजिटल और सोशल मीडिया के इस दौर में, जहां मनोरंजन मोबाइल स्क्रीन तक सीमित होता जा रहा है, वहीं सर्कस ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को एक ही मंच पर हँसने, ताली बजाने और रोमांच महसूस करने का अवसर दिया है.

सर्कस में अफ्रीकी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जिमनास्टिक, मार्शल आर्ट और जान जोखिम में डालने वाले हैरतअंगेज करतब दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं.तेज़ संगीत, रोशनी और रोमांच से भरपूर इन प्रस्तुतियों पर दर्शक लगातार तालियाँ बजा रहे हैं। बच्चों के लिए जोकरों की कॉमेडी विशेष आकर्षण बनी हुई है, जो मासूम दर्शकों को खूब हँसा रही है.

जानवरों पर प्रतिबंध के बाद सर्कस को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। आर्टिफिशियल डायनासोर और गोरिल्ला शो दर्शकों, खासकर बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। ये शो बिना किसी हिंसा के रोमांच और कल्पना की दुनिया का अनुभव करा रहे हैं.
इवेंट मैनेजर संतोष नायर ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से सर्कस से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल और एआई के युग में भी सर्कस की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि पारंपरिक मनोरंजन का आकर्षण आज भी कायम है.

1980 और 1990 के दशक में पले-बढ़े लोगों के लिए सर्कस केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बचपन की यादों से जुड़ा अनुभव है।करीब दो घंटे के इस पूरी तरह पारिवारिक कार्यक्रम में भारतीय और विदेशी कलाकार मिलकर दर्शकों को रोमांच और खुशी से भर रहे हैं। सर्कस पंडाल में उमड़ रही भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि सहारनपुर में सर्कस की वापसी को लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है.

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