शांभवी पाठक की आखिरी यादें दादी के पास, सुबह भेजा था गुड मॉर्निंग मैसेज

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के क्रैश हुए प्लेन की को-पायलट शांभवी पाठक ने ग्वालियर के एयरफोर्स स्कूल नंबर-वन में 2016 से 2018 तक पढ़ाई की और यहीं उड़ान भरने का सपना देखा। शांभवी ने बुधवार सुबह 6:36 बजे अपनी दादी मीरा पाठक को गुड मॉर्निंग का मैसेज भेजा था। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें प्लेन क्रैश की बुरी खबर मिली।

ग्वालियर के बसंत विहार स्थित डी-61 में रहने वाली दादी मीरा पाठक के पास शांभवी की कुछ बचपन की तस्वीरें हैं। शांभवी का पिता विक्रम पाठक इंडियन एयर फोर्स में स्क्वाड्रन लीडर थे और ग्वालियर एयरफोर्स में पदस्थ थे। शांभवी यहां पढ़ाई के दौरान परिवार सहित एयरफोर्स कैंपस में रहती थीं। उनका ननिहाल उत्तर प्रदेश के कानपुर में है। परिवार में मां रोली शुक्ला पाठक और छोटा भाई वरुण हैं।

शांभवी ने 2018 में ग्वालियर से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और एयरोनॉटिक्स-एविएशन-एयरोस्पेस विज्ञान में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कामर्शियल पायलट अकादमी में दाखिला लिया और कामर्शियल पायलट और फ्लाइट क्रू ट्रेनिंग पूरी की।

शांभवी मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर चुकी थीं और उनके पास उड़ान प्रशिक्षक रेटिंग (ए) थी। वह दिल्ली स्थित नान-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट आपरेटर वीएचआर वेंचर्स में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर काम कर रही थीं और 2022 से इस कंपनी से जुड़ी थीं। उन्हें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन से फ़्रोजन एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस भी मिला था।

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