कछुआ तस्करी कांड: इंदौर-रतलाम से जुड़े गिरोह के तार, STSF भोपाल-इंदौर की टीम ने अब तक 7 को दबोचा

पटना-इंदौर एक्सप्रेस (19322) से दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की तस्करी के मामले में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) भोपाल ने जांच तेज कर दी है। देवास के बाद अब इस गिरोह के तार इंदौर और रतलाम से भी जुड़ते पाए गए हैं। अब तक कुल सात आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक गिरोह के कुछ सदस्यों की तलाश जारी है। इसके लिए टीमों को भेजा गया है।
ट्रेन के एसी कोच से हुई थी 311 कछुओं की बरामदगी
3 फरवरी को ट्रेन के एसी कोच में सर्चिंग के दौरान आरपीएफ ने 311 जीवित कछुए बरामद किए थे। मामला वन विभाग भोपाल को सौंपा गया। जांच के दौरान एसी कोच अटेंडेंट अजय सिंह राजपूत और उज्जैन निवासी करण मालवीय को रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में देवास निवासी आसिफ खान का नाम सामने आया, जिसे गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।
इंदौर और रतलाम के व्यापारियों की गिरफ्तारी
एसटीएसएफ की भोपाल और इंदौर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आसिफ खान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने इंदौर निवासी नवीन पारखे उर्फ दीपक का नाम बताया, जो डाग ब्रीडर और व्यापारी है। नवीन की निशानदेही पर रतलाम के दो व्यापारियों अरविंद परिहार और परवेज खान को भी गिरफ्तार किया गया। परवेज के पास से दो कछुए और कुछ पहाड़ी तोते बरामद किए गए हैं।
आरोपितों के मोबाइल की होगी फॉरेंसिक जांच
सभी आरोपितों को भोपाल न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। एसटीएसएफ के रेंजर शरद जाटव ने बताया कि दो अलग-अलग प्रजातियों के कछुए जब्त किए गए हैं। आरोपितों के मोबाइल फोन फारेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी मिल सके।

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