सूरजपुर: नामांतरण के नाम पर रिश्वत! पटवारी पर किसानों से 5 से 10 हजार मांगने का आरोप, SDM से की शिकायत

सूरजपुर: प्रतापपुर क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पटवारी हल्का क्रमांक-27 में पदस्थ पटवारी पर किसानों से नामांतरण के नाम पर अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप लगा है. इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत कसरी, बुड़ाडांड और बरसपुर के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) प्रतापपुर को लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों का आरोप है कि हल्का नंबर-27 के पटवारी विजयशंकर भगत द्वारा जमीन नामांतरण जैसे नियमित कार्यों के लिए किसानों से 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की मांग की जाती है. यदि कोई किसान पैसे देने से मना कर देता है तो उसका काम महीनों तक लंबित रखा जाता है. इससे क्षेत्र के किसान और ग्रामीण काफी परेशान हैं.
शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित पटवारी कई बार शराब के नशे में किसानों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता है. ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी का अधिकांश काम एक निजी ऑपरेटर के माध्यम से किया जाता है और उसी के जरिए किसानों से पैसे की मांग की जाती है. इससे किसानों को मजबूरी में अवैध वसूली का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी सरपंच प्रतिनिधि के माध्यम से की गई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा और संबंधित पटवारी को तत्काल हटाकर दूसरे पटवारी की नियुक्ति करने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के कारण आम किसानों को अपने ही जमीन संबंधी काम कराने के लिए भटकना पड़ रहा है. नामांतरण जैसे सामान्य कार्य के लिए भी रिश्वत की मांग से लोगों में भारी आक्रोश है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो.











