छत्तीसगढ़ में सिस्टम फेल? घर-गोदाम से मिले धान, PDS चावल और रेडी-टू-ईट

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के सरकारी दावों के बीच प्रतापपुर क्षेत्र से सामने आई यह कार्रवाई पूरे सिस्टम पर करारा तमाचा है.यहां बिचौलियों ने सहकारी समितियों और सरकारी योजनाओं को ठेंगा दिखाते हुए अपने घरों को गोदाम बना लिया है.
यदि प्रतापपुर में ईमानदारी से सूक्ष्म जांच कराई जाए, तो केवल समितियों में ही नहीं बल्कि दुकानों और निजी मकानों से हजारों क्विंटल अवैध धान निकल आना तय है.हालिया कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार यहां सतही नहीं, बल्कि जड़ों तक फैला हुआ है.
कलेक्टर एस. जयवर्धन के सख्त निर्देश पर एसडीएम ललिता भगत के नेतृत्व में गठित टीम ने सहकारी समिति रेंवटी क्षेत्र में दबिश देकर धान के अवैध खेल का बड़ा खुलासा किया.ग्राम पंचायत चांचीडांड-2 निवासी व्यापारी घनश्याम गुप्ता के ठिकानों पर की गई जांच में प्रशासन भी हैरान रह गया। पहले उसकी दुकान की जांच की गई, जहां सब कुछ “साफ-सुथरा” दिखाया गया, लेकिन जैसे ही टीम उसके मकान सह गोदाम में पहुंची, असली तस्वीर सामने आ गई.
घर के अंदर करीब 1000 बोरी अवैध धान का जखीरा मिला, जिसे बिना किसी वैध दस्तावेज के संग्रहित किया गया था.पूछताछ में घनश्याम गुप्ता ने किसानों से धान खरीदने की बात तो कबूल की, लेकिन समर्थन मूल्य, खरीदी पंजी, परिवहन या भुगतान से जुड़ा कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका.
यह साफ संकेत है कि धान को समितियों के नाम पर खपाने या बाद में ऊंचे दाम पर बेचने की साजिश रची जा रही थी.प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से 1000 बोरी धान जब्त कर लिया। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। घर की तलाशी के दौरान पीडीएस का 6 बोरी चावल भी बरामद हुआ.सार्वजनिक वितरण प्रणाली का चावल निजी मकान में मिलना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि सरकारी राशन व्यवस्था में भी सेंधमारी हो रही है.
इसी दौरान एक बंद कमरे ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। सहयोग न मिलने पर पुलिस की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर ताला तोड़ा गया। अंदर मिला आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को वितरित किया जाने वाला ‘रेडी टू ईट’ पोषण आहार—कुल 28 बोरी.
यह पोषण सामग्री बाजार या निजी भंडारण में मिलना सीधे-सीधे आपराधिक कृत्य है.रेडी टू ईट को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजंती देवी के सुपुर्द किया गया है, वहीं इसकी आपूर्ति श्रृंखला की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.उधर, प्रशासन की दूसरी टीम ने नायब तहसीलदार मुकेश दास के नेतृत्व में सहकारी समिति टुकुडांड का निरीक्षण किया.यहां एक लॉट में 368 बोरी पुराना और अमानक धान पाया गया.
आशंका जताई जा रही है कि इसे बिचौलियों द्वारा किसानों के नाम पर समिति में खपाने की तैयारी थी। जांच में वजन कांटों में गड़बड़ी भी सामने आई, जो सुनियोजित अनियमितता की ओर इशारा करती है. कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार मुकेश दास, सीडीपीओ संतोषी सिंह, खाद्य निरीक्षक शशि जायसवाल, थाना प्रभारी चंदोरा मनोज सिंह, मंडी सचिव सीमा एक्का, राजस्व निरीक्षक मनोज भगत, पटवारी अजीत अग्रवाल सहित पुलिस व प्रशासनिक अमला मौजूद रहा.
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई सिर्फ एक बिचौलिए तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि प्रतापपुर की धान खरीदी व्यवस्था में फैले गहरे भ्रष्टाचार का संकेत है. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.अब सबसे बड़ा सवाल यह है—क्या यह कार्रवाई शुरुआत है या फिर कुछ चेहरों तक सिमटकर रह जाएगी? यदि ईमानदार जांच हुई, तो प्रतापपुर में कई और “घर-गोदाम” बेनकाब होना तय है.











