टाटा की TCS ने किया कमाल, यूरोप की इस दिग्गज कंपनी को देगा टेक्नोलॉजी, हुआ समझौता

भारत की सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी Reliance Jio के पास न केवल आप लोगों के लिए अर्फोडेबल और शानदार रिचार्ज प्लान्स हैं बल्कि कंपनी JioTag Go और JioTag Air जैसे GPS ट्रैकिंग प्रोडक्ट भी बेचती है. गौर करने वाली बात यह है कि दोनों ही मॉडल्स की कीमत 1499 रुपए है, अब यहां सवाल यह आता है कि जब दोनों ही प्रोडक्ट्स की कीमत एक बराबर है तो दोनों में फर्क क्या है? 1499 रुपए में ये दोनों ही डिवाइस कंपनी की ऑफिशियल साइट पर मिल रहे हैं लेकिन Amazon पर इन्हें 549 रुपए (एयर) और 699 रुपए (गो) में बेचा जा रहा है.
क्या है दोनों में अंतर?
अगर आप एंड्रॉयड फोन चलाते हैं तो आप गो वेरिएंट खरीद सकते हैं क्योंकि गो वेरिएंट एंड्रॉयड फोन के साथ कम्पैटिबल है. वहीं, दूसरी ओर अगर आपके पास एपल कंपनी का फोन, आईपैड, वॉच या मैकबुक है तो आप एयर वेरिएंट को खरीद सकते हैं. टेलीकॉम टॉक के मुताबिक, गो वेरिएंट फाइंड माई डिवाइस के साथ काम करता है, जबकि एयर वेरिएंट Apple Find My के साथ काम करता है.
कैसे करें JioTag Go और JioTag Air का इस्तेमाल?
अगर आप गो या फिर एयर वेरिएंट खरीद रहे हैं तो आपको बस अपने फोन से इस डिवाइस को कनेक्ट करना होगा. डिवाइस में गूगल फाइंड हब ऐप को डालें और जियो टैग गो को ढूंढें और कनेक्ट करें. वहीं, एपल यूजर्स फोन में एपल फाइंड माय ऐप को डाउनलोड और इंस्टॉल करें और फिर ऐप खोलने के बाद जियो टैग एयर के साथ पेयर करें. एक बार डिवाइस ऐप के साथ पेयर हो जाए, उसके बाद आप इस छुटकू से डिवाइस को पर्स, कार, बैग या फिर किसी में भी रख सकते हैं और अपने प्रोडक्ट को इस ट्रैकिंग डिवाइस की मदद से ट्रैक कर सकते हैं.जियो टैग को अलग-अलग रंगों में बेचा जाता है, इसके अलावा इसमें लाउड बिल्ट-इन अलार्म, लंबी बैटरी लाइफ मिलती है. गौर करने वाली बात यह है कि बैटरी रिप्लेसेबल है, इसका मतलब ये है कि अगर बैटरी खराब भी हो गई तो आपको अलग से जियो टैग नहीं लेना होगा आप बैटरी बदलवा सकते हैं.











