सूरजपुर: जंगल में महिला की नृशंस हत्या का खुलासा, सौतेले नतनीन-दामाद ने ही रची थी खौफनाक साजिश

सूरजपुर: थाना चंदौरा क्षेत्र अंतर्गत जंगल में मिली अज्ञात महिला की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. यह हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि मृतिका की पहचान तक छिपाने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस की सतर्क विवेचना और तकनीकी जांच ने आरोपी को बेनकाब कर दिया.
दिनांक 21.12.2025 को ग्राम पटिया के सरपंच रुद्र प्रसाद ने थाना चंदौरा में सूचना दी थी कि ग्राम पहिया (कोशाबूपारा) सल्यापहरी जंगल में घाट पेंडारी मार्ग किनारे एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है. शव के सिर पर भारी पत्थर रखा गया था, जिससे चेहरा स्पष्ट नहीं हो रहा था. प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर मर्ग क्रमांक 67/25 कायम कर अपराध क्रमांक 123/25 धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने स्वयं संज्ञान लेते हुए मृतिका की पहचान सुनिश्चित करने, घटनास्थल से साक्ष्य संकलन और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन एवं डीएसपी अनूप एक्का के मार्गदर्शन में थाना चंदौरा पुलिस ने लगातार पतासाजी शुरू की.
लगातार प्रयासों के बाद 27.12.2025 को अज्ञात मृतिका की पहचान रनिया बाई पति स्व. हीरालाल (उम्र 60 वर्ष), निवासी ग्राम दुरती के रूप में हुई. परिजनों और गवाहों से पूछताछ में सामने आया कि मृतिका का पति वर्ष 2022 में गुजर चुका था और उसकी कोई संतान नहीं थी. वह अक्सर अपनी सौतेली नतनीन के पति कमलेश चेचाम, निवासी ग्राम डोमहत, के यहां आती-जाती रहती थी.
तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर पुलिस ने संदेही कमलेश चेचाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि 20.12.2025 की शाम वह अपनी मोटरसाइकिल से रनिया बाई को ग्राम दुरती से लाने गया था. रास्ते में नशे की हालत में मृतिका द्वारा गाली-गलौज किए जाने से वह आक्रोशित हो गया.
आवेश में आकर आरोपी ने रनिया बाई को घर न ले जाकर ग्राम पहिया जंगल की ओर ले गया, जहां साड़ी के पल्लू से गला कसकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव को सड़क किनारे गड्ढे में डालकर पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर और चेहरे पर भारी पत्थर पटक दिया. इतना ही नहीं, आरोपी ने मृतिका का मोबाइल और झोला अपने घर ले जाकर आग में जला दिया ताकि कोई सुराग न मिले.
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और भारी पत्थर जब्त किया.
साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में प्रकरण में धारा 238 बीएनएस भी जोड़ी गई. आरोपी कमलेश चेचाम पिता बलराम सिंह (उम्र 42 वर्ष), निवासी ग्राम डोमहत खुटहनपारा, थाना चंदौरा को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में लिया गया है. इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मनोज सिंह, प्रधान आरक्षक शैलेष सिंह, भगवत दयाल पैंकरा, मनोज केरकेट्टा, आरक्षक अवधेश कुशवाहा, करन सिंह, शेखर मानिकपुरी, कमलेश यादव एवं शिवभजन राजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही.











