नैरेटिव स्कोरबोर्ड से भी तेज गति से बदलता है…गौतम गंभीर की आलोचना करने वालों पर बरसा ये दिग्गज

टीम इंडिया जब इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में 5 विकेट से हारी तो हेड कोच गौतम गंभीर की जमकर आलोचना हुई। यहां तक कि बर्मिंघम टेस्ट मैच में मिली जीत से एक दिन पहले तक भी उनकी आलोचना हुई और कहा गया कि बैजबॉल का डर था इसलिए देर से पारी घोषित की गई। इस पर कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व बल्लेबाज मनविंदर बिस्ला ने कहा है कि लोगों का नैरेटिव स्कोरबोर्ड से भी तेज गति से बदलता है। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में अब टीम इंडिया 1-1 की बराबरी पर खड़ी है।
लीड्स के हेडिंग्ले में भारत को 5 विकेट से हार मिली थी और बर्मिंघम के एजबेस्टन में टीम 336 रनों के विशाल अंतर से मुकाबला जीती। 58 साल में पहली बार इंडिया ने एजबेस्टन में कोई टेस्ट मैच जीता है। 430 रन मैच की दोनों पारियों में बनाने वाले शुभमन गिल प्लेयर ऑफ द मैच रहे। भारत की जीत पर बिस्ला ने सोशल मीडिया यूजर्स की आलोचना की, जिन्होंने पहले टेस्ट में हार के लिए गंभीर को दोषी ठहराया था, लेकिन दूसरे मैच में जीत का श्रेय उनको नहीं दिया।
बिस्ला ने एक्स पर लिखा, “टेस्ट से पहले: गौतम गंभीर ने प्लेइंग इलेवन बिगाड़ कर रखी दी। जीत के बाद: शुभमन गिल का युग शुरू हुआ…स्कोरकार्ड से ज्यादा तेजी से नैरेटिव बदल जाता है। अतिरिक्त लेकिन महत्वपूर्ण बात: दोनों ही लीडर हैं – इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है।”
बिस्ला 2011-2014 के बीच केकेआर के लिए खेले, जब गौतम गंभीर टीम के कप्तान थे। उनकी सबसे यादगार पारी 2012 आईपीएल के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ आई थी, जब उन्होंने 48 गेंदों पर 89 रन बनाए थे और केकेआर ने अपना पहला खिताब जीता था।










