दुर्ग में पानी की टंकी से मिला तीन दिन पुराना सड़ा-गला शव, हजारों घरों में होती रही सप्लाई — निगम पर लापरवाही के आरोप

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम की एक पानी की टंकी में तीन दिन पुराना सड़ा-गला शव तैरता हुआ मिला। यह टंकी शहर के हजारों घरों में पानी सप्लाई करती थी। घटना सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के जल घर में तैनात कर्मचारियों ने सुबह पानी की टंकी में दुर्गंध आने पर जांच की। जब उन्होंने अंदर झांका, तो टंकी में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया। कर्मचारियों ने तुरंत अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और नगर निगम की टीम ने शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी से पिछले तीन दिनों से पानी की सप्लाई जारी थी, जिससे हजारों घरों तक दूषित पानी पहुंचता रहा। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण यह बड़ी घटना हुई है। पानी की टंकियों की नियमित जांच और सफाई के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई की जाती है।

पुलिस ने बताया कि शव की शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में शव लगभग तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। मृतक की पहचान और मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

इस घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। शहर के कई इलाकों में लोग पानी का उपयोग करने से डर रहे हैं। नगर निगम ने टंकी की सफाई और सैनिटाइजेशन के आदेश दे दिए हैं। वहीं, निगम प्रशासन ने घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की है जो यह पता लगाएगी कि सुरक्षा और निगरानी के इंतजामों के बावजूद टंकी में शव कैसे पहुंचा।

स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना शहर में जलापूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।