रायपुर में गौ तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार, नागपुर ले जाए जा रहे थे 30 मवेशी

रायपुर पुलिस ने गौवंश तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई खमतराई थाना पुलिस ने की है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी उमेश दावड़े, जो नागपुर का निवासी है, और उसका साथी विकास तिवारी, जो मध्यप्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है, शामिल हैं। दोनों आरोपी बीते कई दिनों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले पुलिस ने खमतराई थाना क्षेत्र में एक वाहन से 30 मवेशियों को बरामद किया था। यह मवेशी अवैध रूप से नागपुर ले जाए जा रहे थे। वाहन चालक के खिलाफ उस समय ही मामला दर्ज कर लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी और उसका साथी फरार हो गए थे।

जांच में सामने आया कि आरोपी उमेश दावड़े इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, जो मवेशियों की तस्करी कर महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करता था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रायपुर और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया और अंततः दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त वाहन में मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था, जिससे कई जानवर घायल हो गए थे। सभी मवेशियों को बाद में सुरक्षित गौशाला भेजा गया।

थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में पहले से गिरफ्तार वाहन चालक से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली थीं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई संभव हो सकी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस को शक है कि यह गिरोह लंबे समय से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था। इस नेटवर्क के जरिए हर महीने दर्जनों मवेशियों की तस्करी की जाती थी।

रायपुर पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मवेशियों की अवैध ढुलाई पर निगरानी और कड़ी कर दी है।

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