यूपी में अनोखी शादी: लग्जरी कार छोड़ बैलगाड़ी से दुल्हन लेने निकला दूल्हा, बारातियों पर फूलों की बारिश

यूपी में एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है. यहां दूल्हे ने लग्जरी गाड़ी को छोड़ दिया और बैलगाड़ी पर सवार होकर दुल्हन लेने के लिए निकला. लड़की के दरवाजे पर पहुंचते ही बारात का फूलों से स्वागत किया गया.
बदलते दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारें, घोड़े और महंगे काफिले शान बन चुके हैं, वहीं चित्रकूट के लोढ़वारा गांव में एक शादी ऐसी भी हुई जिसने लोगों को बीते जमाने की याद दिला दी. बुधवार शाम जब दूल्हा अंकित बैलगाड़ी में सवार होकर अपनी बारात लेकर दुल्हन के दरवाजे पहुंचा तो गांव में मानो उत्सव का अलग ही रंग छा गया.
सादगी से भरी इस अनोखी बारात को देखकर लोग हैरान रह गए और स्वागत में फूलों की बारिश कर दी. चित्रकूट के लोढ़वारा गांव की यह शादी अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का कहना है कि यह बारात सिर्फ एक शादी नहीं बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश है.
गुब्बारों से सजी बैलगाड़ियां, डीजे बजा न बैंड बाजा
करीब एक दर्जन बैलगाड़ियां मंगवाई गईं, जिन्हें गुब्बारों और सजावट से दुल्हन की डोली की तरह तैयार किया गया. डीजे की तेज आवाज की जगह पुरानी परंपरा का बैंड-बाजा गूंज रहा था. दूल्हा और बाराती सभी बैलगाड़ियों में बैठे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बाद बारात अहिरन पुरवा के लिए रवाना हुई. दुल्हन पक्ष को पहले से सूचना थी, इसलिए स्वागत भी खास अंदाज में किया गया.
देर शाम जैसे ही बारात पहुंची, गांव वालों ने फूल बरसाकर इस परंपरा का अभिनंदन किया. दूल्हे के पिता रामसहाय यादव ने बताया कि बैलगाड़ी से बारात ले जाने का उद्देश्य सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत करना है. उन्होंने कहा,पहले बैलगाड़ी से ही बारातें जाती थीं. इससे लोग स्वस्थ बैल पालते थे और गौ-पालन को बढ़ावा मिलता था. आज जब बैलगाड़ी का चलन खत्म हुआ तो बछड़ों की हत्या भी बढ़ गई. अगर बैलगाड़ी का उपयोग होगा तो परंपरा भी बचेगी और गौ-पालन भी.
मुख्यमंत्री के बेटे की बारात से मिली प्रेरणा
दूल्हा बने अंकित यादव ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में लोग अपनी मिट्टी और संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे की बारात बैलगाड़ी से जा सकती है तो आम लोग क्यों नहीं? हमने फिजूलखर्च से बचने और अपनी परंपरा बचाने के लिए यह फैसला लिया.











