महासमुंद में दबंगई का VIDEO वायरल, वेटर का गला दबाकर दी धमकी

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बार बंद करने की बात पर एक युवक ने नशे में जमकर हंगामा किया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सपना बार का है, जहां युवक ने वेटर के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज की। उसने गुस्से में कहा, ‘तू मुझे जाने के लिए बोल रहा है, मुझे नहीं जानता है’, और फिर वेटर का गला दबाया

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी युवक वेटर से यह कहता नजर आ रहा है कि ‘अपने एससी-एसटी एक्ट का फायदा उठा और अपने घासीदास के नाम पर केस कर।’ पीड़ित वेटर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, ग्राम भलेसर का रहने वाला विवेक कुमार कुर्रे (21) पिछले दो साल से सपना बार में वेटर की नौकरी कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि 20 जून की रात वह बार में काम कर रहा था। रात करीब साढ़े 11 बजे हर्ष चंद्राकर अपने साथी दामू साहू के साथ शराब पीने बार आया था।

बार बंद होने पर विवाद

रात करीब 12.10 बजे बार बंद करने का समय हो गया। इस पर विवेक ने दोनों से कहा कि अब बार बंद करना है, इसलिए वे लोग घर चले जाएं। यह बात सुनते ही हर्ष चंद्राकर भड़क गया। उसने जातिसूचक गालियां देना शुरू कर दिया और कहा कि, ‘तू मुझे नहीं जानता है।‘

गला पकड़कर पिटाई और धमकी देने का आरोप

विवेक का आरोप है कि इसके बाद हर्ष ने उसका गला पकड़ लिया, हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान उसने अश्लील गालियां दीं और गुरु घासीदास बाबा के बारे में भी अपमानजनक बातें कहीं।

हंगामा बढ़ता देख बार के मैनेजर रंजीत तिवारी, प्रमोद तिवारी और बार मालिक रामदेव साहू बीच-बचाव के लिए पहुंचे और मामला शांत कराया। पीड़ित का कहना है कि पूरी घटना बार में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है।

वेटर ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

विवेक ने पुलिस को बताया कि हर्ष पहले भी कई बार बार में आ चुका है और उसकी जाति के बारे में पहले से जानता था। अब उसने थाना महासमुंद में शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आरोपी पर बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज

पुलिस ने आरोपी हर्ष चंद्राकर के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3) और 302 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधित 2015) की धारा 3(1)(आर), 3(1)(एस) और 3(1)(व्ही) भी जोड़ी गई हैं।

ये धाराएं उस स्थिति में लगती हैं जब किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ मारपीट, गाली-गलौज या जाति को लेकर सार्वजनिक रूप से अपमान किया गया हो।

आरोपी को भेजा गया जेल

इस मामले में सिटी कोतवाली थाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी हर्ष चंद्राकर को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। हर्ष का ट्रांसपोर्टिंग का बिजनेस है। उसका छोटा भाई शुभम चंद्राकर भी मारपीट के मामले पिछले सात महीने से फरार है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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