जर्मन शैफर्ड डॉग को भेड़िया समझकर ग्रामीणों ने घेरकर मार डाला

बड़वानी। नेशनल हाईवे के समीप ग्रामीण क्षेत्र में गुरुवार को जंगली जानवर की आशंका के चलते ग्रामीणों ने पालतू डॉग को पीटकर मार दिया। पहले जानवर को सियार बताया गया लेकिन बाद में पता चला कि यह जर्मन शैफर्ड प्रजाति का डॉग है, जो भटककर ग्रामीण क्षेत्र में चला गया था।

देवझिरी कालोनी निवासी गंगाराम सिंगोरिया ने बताया कि हमारी मादा जर्मन शैफर्ड थी। बुधवार रात वह घर से चली गई थी। रात में कही नहीं मिली। सुबह इंटरनेट मीडिया पर उसके गुम होने की सूचना डाली थी लेकिन कुछ देर बाद उसके मृत होने की जानकारी मिली तो परिवार के लोग दुखी हो गए।

बड़वानी जिले के क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं हुई हैं, इसलिए ग्रामीणों ने डॉग को जंगली जानवर समझकर मार दिया। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे। बाद में डॉग का अंतिम संस्कार किया गया।

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भेड़िया प्राकृतिक शिकारी व जंगली जानवर है, जबकि जर्मन शैफर्ड प्रशिक्षित व पालतू नस्ल है, जिसे खासतौर पर मानव सहयोग के लिए पाला गया है। दोनों में कुछ समानताएं हैं, क्योंकि जर्मन शैफर्ड का विकास कुछ हद तक भेड़िए जैसे गुणों से ही हुआ है।

 

डरे हुए थे ग्रामीण

जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने जब पास के जंगल में डॉग को देखा तो उन्हें लगा कि वो भेड़‍िया है। जो उनके गांव में घुसकर लोगों पर हमला कर सकता है। इस इलाके में पहले भी जंगली जानवर देखे गए हैं। इसके बाद ग्रामीण इकट्ठा हुए और भेड़‍िए को भगाने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उस पर हमला कर दिया, जिससे डॉग की मौके पर ही मौत हो गई।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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