फाइलों में क्यों अटकी ग्रेटर नोएडा वेस्ट की मेट्रो, कब खत्म होगा 12 साल का इंतजार? लोग आर-पार के लिए तैयार

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो विस्तार परियोजना 12 वर्षो से लंबित है, जिससे लाखों निवासियों को सार्वजनिक परिवहन की कमी और भीषण जाम का सामना करना पड़ रहा है. फाइल पीएमओ में अटकी होने का आरोप है. वहीं लोगों ने मेट्रो की मांग को लेकर अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो विस्तार परियोजना लंबे समय से लंबित पड़ी है, जिससे लाखों की आबादी सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा से वंचित है. तेजी से बढ़ती आबादी और ऊंची इमारत के बीच यहां के लोग अब भी ऑटो और ई रिक्शा पर निर्भर है. रोजाना घंटों जाम में फंसना समय और ईंधन की बर्बादी यहां के निवासियों की अब मजबूरी बन गई है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों का आरोप है कि मेट्रो परियोजना की फाइल केंद्र और राज्य स्तर पर आगे नहीं बढ़ पा रही है. वहीं मेट्रो की मांग को लेकर अब लोगों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी मनीष कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर अब से पहले भी कई बार नोएडा प्राधिकरण, नोएडा मेट्रो कॉरपोरेशन को पत्र लिखकर मेट्रो की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल सका. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में कामकाजी लोग छात्र और वरिष्ठ नागरिक रहते हैं, लेकिन मेट्रो कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण उन्हें दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद जाने के लिए निजी वाहनों या महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है.
टेंपो, ई रिक्शा और ओला उबेर कैब टैक्सी इन सभी वाहनों पर निर्भर रहने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सुबह और शाम घंटे जाम लगता है, जिससे लोग अपना सफर सही समय पर नहीं तय कर पाते हैं. हालांकि कई बार लोगों ने मेट्रो की मांग को लेकर पीएम और सीएम को भी पत्र लिखे हैं, लेकिन उन पत्र को अभी तक कोई जवाब उन्हें नहीं मिल सका है.
फाइल पीएमओ में लंबित होने का दावा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की संस्था नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रो परियोजना की फाइल केंद्र को भेजी थी. हालांकि तब से अब तक इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी. उनका कहना है कि तीन बार डीपीआर में बदलाव किए गए, लेकिन अब भी फाइल उच्च स्तर पर अटकी हुई है.

उन्होंने कहा कि कम आबादी वाले इलाकों में मेट्रो परियोजनाओं को स्वीकृति मिल रही है, जबकि घनी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अनदेखी की जा रही है. ऐसे में लोग अपनी आवाज बुलंद करने के लिए अब दिल्ली तक जाने को मजबूर हैं.
जंतर मंतर पर होगा विशाल प्रदर्शन
संगठन ने 15 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है .प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हो सकते हैं. संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि सरकार का ध्यान इस अहम मुद्दे की ओर आकर्षित करना है.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ही निवासी दीपांकर कुमार ने उम्मीद जताई है कि आंदोलन से मेट्रो विस्तार को जल्द मंजूरी मिलेगी और परियोजना पटरी पर आएगी. उनका कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट अब एनसीआर का सबसे बड़ा आवासीय हब बन चुका है और यहां मेट्रो सुविधा समय की मांग है.

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