दस्तावेजों की हेराफेरी कर महिला ने उम्र घटाई, फर्जी शपथ पत्र और जाली हस्ताक्षरों से बदली जन्मतिथि

जिले में सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ और कूटरचना का एक गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों के अनुसार महिला जूली डंडौतिया ने अपने सगे भाई की मदद से फर्जी दस्तावेज, कूटरचित शपथ पत्र और जाली हस्ताक्षरों के आधार पर अपनी जन्मतिथि में बदलाव कराया। इसी बदली हुई जानकारी के आधार पर आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण पहचान पत्र में भी संशोधन किया गया।
शिकायत में बताया गया है कि शासकीय प्राथमिक विद्यालय पांचो कॉलोनी, वीरपुर के मूल रिकॉर्ड में महिला की जन्मतिथि 12 दिसंबर 1989 दर्ज है। बाद में योजनाबद्ध तरीके से नए दस्तावेज तैयार कर जन्मतिथि 16 मार्च 1996 दर्शाई गई, जिससे कथित रूप से महिला की उम्र करीब सात वर्ष कम हो गई।
मामले में आरोप है कि आंगनबाड़ी से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्र, बनावटी सील और हस्ताक्षर तथा मृत पिता के नाम से कूटरचित शपथ पत्र तैयार कर तहसील कार्यालय में प्रस्तुत किए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नया जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया। जांच के दौरान एक ही आधार नंबर पर अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो आधार कार्ड सामने आने की बात भी कही गई है।
शिकायतकर्ता जितेंद्र शर्मा ने महिला, उसके भाई और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी बताई जा रही है।











