पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप, फर्जी सीमांकन के खिलाफ 2.5 साल से भटक रहा 68 वर्षीय बुजुर्ग

रायपुर से लगे आरंग तहसील क्षेत्र में 68 वर्षीय किसान रमाकांत लोधी ने अपनी पैतृक जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि फर्जी दस्तावेज और कथित गलत सीमांकन के जरिए उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
रमाकांत लोधी के मुताबिक आरंग के पटवारी हल्का नंबर 29 में खसरा नंबर 3098 की 0.0410 हेक्टेयर जमीन उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि है। उनका आरोप है कि खसरा नंबर 3101 की जमीन की बिक्री के दौरान उनकी जमीन को भी उसी जमीन का हिस्सा बताकर दस्तावेजों में दर्शाया गया।
एकपक्षीय सीमांकन का लगाया आरोप
किसान का आरोप है कि पड़ोसी भू-स्वामियों की मौजूदगी के बिना एकपक्षीय सीमांकन कराया गया और उनकी जमीन की स्थिति को अभिलेखों में अलग तरीके से दर्शाया गया। उन्होंने 2024 और 2026 में हुए सीमांकन पर लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई है।
रमाकांत का कहना है कि उनके पास करीब 100 साल पुराना नक्शा और जमीन से जुड़े अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित किसान के मुताबिक उन्होंने तहसीलदार, SDM, कलेक्टर और मुख्यमंत्री जनदर्शन समेत कई स्तरों पर शिकायत की है। उन्होंने राजस्व विभाग की सीमांकन रिपोर्ट की जांच कराने और मामले के निराकरण तक जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण या कब्जे पर रोक लगाने की मांग की है।
किसान ने स्थानीय राजस्व अमले की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए जिला स्तर की टीम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।











