जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी फ्री! MP में आज से शुरू हुआ 50 लाख लोगों को मालिकाना हक देने का अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आज मध्य प्रदेश में देश की अपनी तरह की पहली ‘स्वामित्व योजना’ का बड़ा आगाज होने जा रहा है। इंदौर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ग्रामीण आबादी भूमि की 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्री का शुभारंभ करेंगे।इस बीच, कार्य बहिष्कार या आशंकाओं को लेकर पटवारियों के पीछे हटने के कयासों पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बड़ा बयान देते हुए उनकी सभी आशंकाओं को दूर किया है और सहयोग की अपील की है।
योजना और कार्रवाई एक नजर में
पहल/बिंदु विवरण
अवसर पीएम मोदी का जन्मदिन
आयोजन स्थल इंदौर (शुभारंभ: सीएम डॉ. मोहन यादव व भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन)
महत्वपूर्ण लक्ष्य ग्रामीण आबादी की 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्री की शुरुआत
वित्तीय भार 3800 करोड़ रुपये का स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क सरकार भरेगी
प्रमुख संदेश विवाद की जिम्मेदारी सरकार की, पटवारी आशंका छोड़ें और सहयोग करें
आशंकाओं का समाधान
पटवारियों को यह डर था कि भविष्य में संपत्ति संबंधी विवाद होने पर जिम्मेदारी उन पर आएगी। इस पर राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह सरकार की योजना है, इसलिए पटवारी किसी भी तरह की आशंका से दूर रहें। सरकार की गारंटी: मंत्री वर्मा ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद उठने पर उसे सुलझाने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
मालिकाना हक की प्राथमिकता
यह सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गांवों में लोगों को उनकी जमीन का वैध मालिकाना हक दिलाना है।सहयोग की अपील: मंत्री ने मध्य प्रदेश के सभी पटवारियों से आह्वान किया है कि वे आगे आएं और ग्रामीणों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने के इस ऐतिहासिक कार्य में पूरी सक्रियता से सहयोग दें।
जनता पर नहीं पड़ेगा बोझ
ग्रामीण भूमि के मालिकाना हक को कानूनी जामा पहनाने वाली इस योजना के तहत सरकार लगभग 3800 करोड़ रुपये का स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क स्वयं वहन कर रही है, जिससे ग्रामीण जनता को पूरी तरह निःशुल्क मालिकाना अधिकार पत्र (रजिस्ट्री) मिल सकेंगे।











