साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार, कमीशन के लालच में बने म्यूल अकाउंट होल्डर

दुर्ग जिले में साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग दो से दस हजार रुपए के कमीशन के बदले अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों के जरिए ऑनलाइन ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में सात खाताधारक और दो एजेंट शामिल हैं, जो खाताधारकों और साइबर अपराधियों के बीच संपर्क का काम कर रहे थे।

पुरानी भिलाई थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम की जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर ठगों को सौंप देते थे। इसके बदले उन्हें दो हजार से दस हजार रुपए तक का कमीशन मिलता था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

जांच में इन खातों में साइबर ठगी से जुड़े लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार ठग इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए करते थे, जिससे जांच एजेंसियों के लिए मुख्य आरोपियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों में लक्की खुटेल, भारत गिरी, भोज ठाकुर, चोमन साहू, कमलेश देशलहरे, रमाकांत साहू, आकाश भट्ट, संजय निषाद और मनोज कुमार साहू शामिल हैं। इनमें संजय निषाद और मनोज कुमार साहू एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इनकी जांच कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने पर खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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