CG News- अनुकंपा नियुक्ति पर उठे सवाल, शासकीय स्कूल की सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी निलंबित; दस्तावेजों की होगी विभागीय जांच
प्रकरण में 5 मई 2017 को प्रस्तुत शपथ पत्र भी जांच के दायरे में रहा। जांच के मुताबिक, शपथ पत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय या अर्धशासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी। वहीं, जांच समिति को उपलब्ध सेवा अभिलेखों में सीमा कुशवाहा के भाई राकेश कुशवाहा के वर्ष 2013 से और पति सुदामा कुशवाहा के वर्ष 2010 से शासकीय सेवा में होने संबंधी जानकारी मिलने की बात कही गई है।

CG News/सरगुजा। अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 सीमा कुशवाहा को जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिकायत के बाद गठित जांच समिति द्वारा नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों और सेवा अभिलेखों की जांच में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा को लेकर अंतर सामने आने की बात कही गई है। अब मामले में नियमित विभागीय जांच की जाएगी।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, सीमा कुशवाहा को स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के बाद 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। नियुक्ति के समय उनके द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र और बाद में जांच के दौरान सामने आए सेवा अभिलेखों में अंतर पाए जाने को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
प्रकरण में 5 मई 2017 को प्रस्तुत शपथ पत्र भी जांच के दायरे में रहा। जांच के मुताबिक, शपथ पत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय या अर्धशासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी। वहीं, जांच समिति को उपलब्ध सेवा अभिलेखों में सीमा कुशवाहा के भाई राकेश कुशवाहा के वर्ष 2013 से और पति सुदामा कुशवाहा के वर्ष 2010 से शासकीय सेवा में होने संबंधी जानकारी मिलने की बात कही गई है।
यही अंतर अब अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों और पात्रता से जुड़े मामले की जांच का प्रमुख आधार है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नियमित विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मामला विकासखंड मैनपाट से प्राप्त शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत के आधार पर कार्यालयीन आदेश से जांच समिति गठित की गई। समिति ने सीमा कुशवाहा की नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेख, आवेदन, शपथ पत्र, पारिवारिक विवरण और संबंधित सेवा अभिलेखों का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता से संबंधित बताया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रथमदृष्टया गंभीर मामला मानते हुए सीमा कुशवाहा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबित किया है। निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। आदेश के मुताबिक, सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। निलंबन अवधि में उन्हें मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के साथ मामला समाप्त नहीं हुआ है। सीमा कुशवाहा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच शुरू की जाएगी। इसके लिए अलग से आरोप-पत्र जारी किया जाएगा और संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।











