‘उन्हें पद से हटाओ और जेल में डालो’, CEC ज्ञानेश कुमार पर उद्धव ठाकरे का हमला

एसआईआर पर चुनाव आयुक्तों की असहमति के दावे से सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. यह विवाद इतना बढ़ गया है कि पहले तो विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन अब उन्हें जेल में डालने की बात कह रहे हैं. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज तक सिर्फ विपक्ष कह रहा था, लेकिन अब तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी को शिकायत की है कि ज्ञानेश कुमार की मनमानी चल रही है, मैं दोनों चुनाव आयुक्तों का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने हिम्मत दिखाई. अब हमारी मांग है कि ज्ञानेश कुमार को सिर्फ उनके पद से नहीं हटाया जाए, बल्कि उन्हें जेल में डालना चाहिए.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा, ‘तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने शिकायत की है, तो अब चुनाव आयोग तो दोनों चुनाव आयुक्तों का हुआ. ज्ञानेश कुमार ने जो फैसले लिए हैं, उन्हें रद्द करना चाहिए और बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के चुनाव दोबारा कराने चाहिए. ज्ञानेश कुमार को जेल में डालना चाहिए, लेकिन अब दोनों चुनाव आयुक्तों पर भी दबाव डाले जाने की पूरी संभावना है. सुप्रीम कोर्ट को भी अब स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत उनके पद से हटा दें और उन्हें जेल में डालें’.
मतपत्र के जरिए मतदान प्रणाली को वापस लाने की मांग
उन्होंने मतपत्र के जरिए मतदान प्रणाली को वापस लाने की भी मांग की और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह जरूरी है. ठाकरे ने कहा, ‘मतपत्र के माध्यम से चुनाव होने चाहिए और आज लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता को अपना वोट आगे लाना चाहिए’. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि चुनाव से पहले लगभग 40 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए और चुनाव के बाद हटा दिए गए. ये सब चीजें सत्ता की लालसा के कारण हो रही हैं.
विपक्षी दलों से एकजुट होने का आह्वान
उद्धव ठाकरे ने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को जनता की आवाज सुननी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘आज हम सभी को लोकतंत्र को बचाने के लिए एक साथ आना होगा. हम जनता के प्रतिनिधि हैं और अब उन्हें जनता की आवाज सुननी होगी’.
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