भोपाल का ‘लाइफलाइन’ तालाब खतरे में, 300 से ज्यादा अवैध कब्जे; प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल

भोपाल। बड़े तालाब की सीमा में बड़े और पक्के अतिक्रमण सामने आने के बाद भी नगर निगम और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। करीब 10 साल पहले हुए सर्वे में 300 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे, लेकिन तब केवल छोटे अतिक्रमण हटाए गए और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद कब्जों की संख्या बढ़ती चली गई।
सख्त कार्रवाई नहीं हो रही

अब दोबारा सीमांकन कर अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने जलस्रोतों के एफटीएल और 50 मीटर दायरे में आने वाले सभी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। 23 फरवरी को कलेक्ट्रेट में सांसद आलोक शर्मा ने 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हुए कब्जों को हटाने के लिए पुनः सीमांकन कराने को कहा था।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर 25 फरवरी से संत हिरदाराम नगर वृत्त में वीआईपी रोड राजाभोज प्रतिमा से सीमांकन शुरू हुआ। वीआईपी रोड, खानूगांव और हलालपुर में अतिक्रमण चिह्नित तो किए गए, लेकिन हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में राजस्व, पुलिस, नगर निगम और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई तय हुई थी, पर हलालपुर में केवल एक शेडनुमा गोदाम के हिस्से पर बुलडोजर चलाया गया।

नियमों का हवाला, कार्रवाई नहीं

एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वेटलैंड के एफटीएल और 50 मीटर दायरे में सभी निर्माण ध्वस्त किए जाने चाहिए। टीएंडसीपी के नक्शे से किए गए सीमांकन में पक्के निर्माण पाए गए हैं, फिर भी प्रशासन बुलडोजर चलाने से पीछे हट रहा है।
अवैध निर्माण करने वाले नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से अनुमति और रजिस्ट्री होने का दावा कर रहे हैं, हालांकि मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

खानूगांव से संत हिरदाराम नगर तक कब्जे

खानूगांव में रिटेनिंग वॉल बनाकर करीब 40 प्लाटों को कैचमेंट से बाहर किया गया। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसे तोड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप खानूगांव से संत हिरदाराम नगर तक कब्जों की संख्या 300 से अधिक हो गई।

कलेक्टर से बातचीत
प्रश्न: अब तक कितने कब्जे चिह्नित किए गए हैं?

उत्तर (कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह): बड़े तालाब की सीमा हुजूर तहसील, शहर, टीटीनगर और संत हिरदाराम नगर वृत्त में आती है। संत हिरदाराम नगर में सीमांकन के दौरान एफटीएल और 50 मीटर दायरे में निर्माण चिह्नित किए गए हैं।

प्रश्न: चिह्नित कब्जों को हटाने की क्या योजना है?

उत्तर: निर्माणों को चिह्नित किया गया है। हटाने की कार्रवाई हलालपुर से शुरू की गई है। जिन लोगों ने अनुमति होने का दावा किया है, उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया है।
प्रश्न: तालाब किनारे निर्माण की अनुमतियां कैसे मिलीं, क्या जांच होगी?

उत्तर: तालाब किनारे नियमानुसार केवल उद्यानिकी और खेती की जा सकती है। प्रस्तुत अनुमतियों की जांच कराई जाएगी कि वे सही हैं या नहीं।

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