प्रतीक यादव की मौत पर बना सस्पेंस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
चार डॉक्टरों की टीम करेगी जांच
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों की विशेष टीम की निगरानी में किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है ताकि जांच में किसी तरह की चूक न हो। इसके अलावा मेडिकल विशेषज्ञों की अलग टीम भी बनाई गई है, जो रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक मामला संदिग्ध प्रतीत होने के कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
घर में अचेत मिले थे प्रतीक यादव
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव घर के किचन में अचेत अवस्था में मिले थे। सुबह करीब 4:55 बजे अस्पताल को सूचना दी गई, जिसके बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के दौरान कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पहले से चल रहा था इलाज
जानकारी के मुताबिक प्रतीक यादव कुछ समय पहले फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। इस बीमारी में फेफड़ों की धमनियों में ब्लड क्लॉट बनने से सांस लेने में दिक्कत होती है।
सूत्रों के अनुसार डॉक्टर उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखना चाहते थे, लेकिन वह इलाज के बीच घर लौट आए थे। अब उनकी अचानक मौत के बाद मेडिकल इतिहास को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।










