PM Modi Appeal: पीएम मोदी के काफिले में गाड़ियों की संख्या घटी, जाने कितनी होती थी तेल की खपत
प्रधानमंत्री के काफिले में ज्यादातर एसयूवी गाड़ियां होती हैं जो आम तौर पर 6 से 8 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। चलिए एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए पीएम के काफिले की सभी गाड़ियां मिला कर 100 किलोमीटर चलती हैं।

PM modi appeal।दिल्ली। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते बड़ा फैसला लिया गया है। हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की गाड़ियों की संख्या घटा कर आधी कर दी गई है।
इस फैसले का मकसद तेल खपत को बचाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी है।
जानकारी के मुताबिक, पहले पीएम के काफिले में 18-20 गाड़ियां चलती थीं।
वहीं, अब इसकी संख्या घट कर 9-10 रग गई है। इससे तेल खपत कम होने में बड़ी सहायता मिलेगी। देखा जाए तो पीएम के काफिले में सुरक्षा सपोर्ट वाहन रहते हैं। एसयूवी, सुरक्षा वाहन, एंबुलेंस और तकनीकी सहायता वाली गाड़ियां काफिले का हिस्सा रहती हैं।
प्रधानमंत्री के काफिले में ज्यादातर एसयूवी गाड़ियां होती हैं जो आम तौर पर 6 से 8 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। चलिए एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए पीएम के काफिले की सभी गाड़ियां मिला कर 100 किलोमीटर चलती हैं।
ऐसे में पहले जहां 250-300 लीटर ईंधन लगता था वही अब घट कर केवल 100-150 लीटर लगेगा। इससे पेट्रोल और डीजल की अच्छी खासी बचत होगी। अमित शाह ने भी कम की गाड़ियां केवल पीएम मोदी ही नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने भी अपने काफिले की गाड़ियों को कम कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील करते हुए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और बिजली से चलने वाले वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा है। राज्य सरकार ने सरकारी काफिलों में आधी गाड़ियां करने का आदेश दिया है। साथ ही अधिकारियों को ऑनलाइन बैठकों और घर से काम करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। दिल्ली और महाराष्ट्र में भी असर दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकारी कामों में कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
कई मंत्री अब मेट्रो और कार पूलिंग का सहारा ले रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विमानों के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है। अब बिना मंजूरी के सरकारी विमान का उपयोग नहीं हो सकेगा। गुजरात और बिहार में भी उठाए गए सख्त कदम गुजरात में राज्यपाल ने हेलीकॉप्टर और विमान छोड़कर ट्रेन और बस से यात्रा करने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के काफिले में भी अब सिर्फ तीन गाड़ियां रहेंगी। बिहार में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने वाहनों की संख्या आधी कर दी है, जबकि कई मंत्री अब बिजली से चलने वाले वाहन इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऊर्जा बचाने पर जोर देशभर में नेताओं की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है। सरकार चाहती है कि आम लोग भी छोटी-छोटी आदतें बदलकर ईंधन बचाने में सहयोग करें, ताकि आने वाले समय में किसी बड़े संकट से बचा जा सके।










