CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन का कल अंतिम दिन, इधर पोर्टल से गायब हो रहीं स्कैन कॉपियां, स्टूडेंट्स परेशान

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा की आंसर शीट्स के री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है. इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 6 जून निर्धारित की गई है. हालांकि, प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कई छात्रों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई है. सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) और स्कैन कॉपी से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्रों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं.
कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी आंसर शीट्स की स्कैन कॉपी देखने में दिक्कत आ रही है, जबकि कुछ छात्रों का कहना है कि भुगतान करने के बावजूद उनकी कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई. सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में छात्र तकनीकी खामियों की शिकायत कर रहे हैं. इस बीच, ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद अब कॉपियों के मैनुअल पुनर्मूल्यांकन की मांग तेज हो गई है.
स्कैन कॉपी का लिंक नहीं खुलने की शिकायत
कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने आंसर शीट्स की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए शुल्क जमा किया, लेकिन उन्हें उपलब्ध कराया गया लिंक काम नहीं कर रहा है. कुछ छात्रों को वेबसाइट पर 403 एरर दिखाई दे रहा है, जिससे वो अपनी कॉपी नहीं देख पा रहे हैं. वहीं, कुछ छात्रों ने भुगतान की स्थिति अपडेट न होने की शिकायत भी की है.
सोशल मीडिया पर छात्रों ने दावा किया है कि उनकी आंसर शीट्स उपलब्ध नहीं हो रही हैं या स्कैन कॉपी धुंधली दिखाई दे रही है. कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉपी बदलने, प्रश्नों के सही नंबर नहीं जुड़ने और आंसर शीट्स के गायब होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं. इन शिकायतों के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं.
OSM व्यवस्था से असंतोष
इस वर्ष सीबीएसई ने 12वीं की कॉपियों की जांच ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के जरिए कराई थी, लेकिन परिणाम जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच इस व्यवस्था को लेकर असंतोष देखने को मिला. कई लोगों का मानना है कि इस प्रणाली के कारण अपेक्षा से कम अंक मिले हैं.
मैनुअल री-इवैल्यूएशन की उठी मांग
राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ (GSTA) ने सीबीएसई को सुझाव दिया है कि जरूरत पड़ने पर उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन मैनुअल तरीके से कराया जाए. संघ का कहना है कि तकनीकी समस्याओं और छात्रों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने में मददगार हो सकता है.
जांच के लिए कमेटी का गठन
OSM को लेकर बढ़ते विवाद के बाद सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति मूल्यांकन प्रणाली और उससे जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करेगी. वहीं, सीबीएसई ने अभी तक री-इवैल्यूएशन के रिजल्ट जारी करने की तारीख की घोषणा नहीं की है, जिससे छात्रों की चिंता बनी हुई है.











