राजस्थान में वॉट्सएप पर शुरू हुई ई-मित्र सेवा:घर बैठे मिलेंगी 27 सरकारी सुविधाएं; बिजली-पानी के बिल जमा से लेकर प्रमाण पत्र के आवेदन कर सकेंगे

राजस्थान में अब सरकारी सेवाओं का लाभ वॉट्सएफ के जरिए भी लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के उद्घाटन अवसर पर ई-मित्र वॉट्सएप सेवा की शुरुआत की है।
इस सेवा के जरिए प्रदेश के लोग वॉट्सएप नंबर 94610-62705 पर Hi भेजकर 27 तरह की सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इनमें बिजली-पानी के बिल का भुगतान, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र और कई सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में दो दिवसीय 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राजवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।
कॉन्फ्रेंस में 80 से ज्यादा केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी शामिल होंगे।
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कॉन्फ्रेंस में लगी डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीकों से जुड़ी प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।
डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर मंथन
दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित प्रशासन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, ई-सेवाओं और पुलिसिंग में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्र होंगे। देशभर के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे।
कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन से पहले राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राजस्थान ने पिछले कुछ सालों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज राज्य की करीब 82 प्रतिशत सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और 26 हजार से ज्यादा सेवाएं डिजिटल माध्यम से नागरिकों तक पहुंच रही हैं। तकनीक ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुशासन को नई मजबूती दी है।
‘Hi’ भेजते ही खुलेंगे सभी विकल्प
सरकार की ओर से जारी वॉट्सएप नंबर पर Hi भेजते ही ई-मित्र की 27 सरकारी सेवाओं के विकल्प खुल जाएंगे। इसके माध्यम से बिजली और पानी के बिल जमा किए जा सकेंगे, विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन किया जा सकेगा और कई अन्य सरकारी सेवाओं का लाभ भी घर बैठे लिया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से लोगों को सरकारी कार्यालयों और ई-मित्र केंद्रों के कम चक्कर लगाने पड़ेंगे।
85 पैसे पर कौन पंजा मारता था, सब जानते हैं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपए में से लाभार्थी तक केवल 15 पैसे ही पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे नहीं पता कि उस 85 पैसे पर कौन पंजा मारता था, लेकिन 85 पैसे पर पंजा मारा जाता था, यह सब जानते हैं। सोचिए, उस समय की सरकार कितनी लाचार थी।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद डिजिटल माध्यम से होने वाले लेनदेन और तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत किया गया। इससे योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने लगा और बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगी है।











