कोयला हेराफेरी पर बिलासपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना सहित 3 आरोपी दबोचे गए

बिलासपुर जिले में कोल डिपो की आड़ में हाई क्वालिटी के कोयले में हेराफेरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के फरार आरोपी को हिर्री पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं, मस्तूरी पुलिस ने कोयला हेराफेरी के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ा है। ये आरोपी एसईसीएल की गेवरा माइंस से लोड किए गए उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले में मिलावटकर घटिया और गिट्टी मिश्रित कोयला प्लांट में सप्लाई करते थे।

कोल ट्रांसपोर्टर आशीष केशरी ने एसईसीएल की अमेरा विश्रामपुर खदान से उच्च गुणवत्ता वाला जी-6 ग्रेड का कोयला तीन ट्रेलरों में लोड करवाकर सिलतरा स्थित एक निजी पॉवर प्लांट के लिए रवाना किया था। लेकिन, पेण्ड्रीडीह बाइपास के पास आरोपी गंगा साहू और रिजवान खान ने तीनों ट्रेलरों को बीच रास्ते में ही रुकवा लिया।

वे गाड़ियों को सीधे अग्रवाल कोल डिपो के अंदर ले गए, जहां तीनों ट्रेलरों से कुल 15 टन (5-5 टन) कीमती कोयला पार कर दिया गया। बाद में वजन बराबर करने के लिए उसमें घटिया दर्जे का कोयला मिला दिया गया और उसे सिलतरा खपाने के लिए भेज दिया गया।

सवा महीने से फरार चल रहा था आरोपी

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 25 मई को ही डिपो संचालक नरेश कुमार अग्रवाल, वाहन स्वामी गंगा प्रसाद साहू और तीन ड्राइवरों फिरोज अंसारी, निसार अंसारी व इमरान अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

हालांकि, गिरोह का दूसरा मुख्य आरोपी रिजवान खान, निवासी रतनपुर घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। आखिरकार पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

30 हजार टन कोयले में की मिलावट

पुलिस के अनुसार, मस्तूरी क्षेत्र के श्यामा विहार चिल्हाटी मोड़ निवासी कप्तान सत्यनारायण ने मस्तूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी ने एसीसीएल कोल माइंस, कोरबा से 30 हजार टन कोयले की आपूर्ति के लिए ऑर्डर दिया था। एसएम एंटरप्राइजेस के माध्यम से ट्रेलरों में कोयला राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड प्लांट पहुंचाया जा रहा था।

17 जून की रात से सुबह के बीच प्लांट पहुंचे कुछ ट्रेलरों की जांच के दौरान तीन वाहनों में खराब गुणवत्ता और मिलावटी कोयला पाया गया। संदेह होने पर चालकों से पूछताछ की गई, लेकिन वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

बेलतरा के कोल डिपो में होता था पूरा खेल

जांच के दौरान पुलिस ने ट्रेलर चालकों, वाहन मालिकों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की। जांच में खुलासा हुआ कि गेवरा माइंस से लोड किए गए जी-11 ग्रेड के कोयले को बेलतरा टोल प्लाजा स्थित एक कोल डिपो में उतार दिया जाता था। इसके बाद उसी ट्रेलर में गिट्टी और घटिया गुणवत्ता का मिश्रित कोयला भरकर राशि प्लांट भेजा जाता था।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल के यहां रोलर मशीन से कोयले में मिलावट की जाती थी। इस हेराफेरी से मिलने वाली रकम को ट्रेलर मालिकों, चालकों और अन्य साथियों के बीच बांट लिया जाता था।

पहले ही चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पूर्व में कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल, सुमित यादव, सूरज सिंह और चालक जयकांत यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। साथ ही घटना में प्रयुक्त तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला भी जब्त किया गया था।

इसी मामले में फरार चल रहे वैभव सोनी उर्फ चुकलू (30) निवासी भैंसर जयरामनगर और निखिल साहू (33) निवासी गोल्डन पार्क बोदरी को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कोयला हेराफेरी की साजिश में शामिल होना स्वीकार कर लिया। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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