बिजली संकट पर हाईकोर्ट की फटकार, 7 जुलाई को अधिकारियों को देना होगा जवाब

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बिजली विभाग की बदहाल व्यवस्था पर अब हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने आधे घंटी की आंधी और बारिश से रात भर बिजली गुल होने जैसी शहरवासियों की परेशानियों पर विभाग के अफसरों से जवाब मांगा है। इस केस की सुनवाई 7 जुलाई को होगी।
सोमवार शाम को आई आंधी और बारिश के बाद शहर के अधिकांश इलाकों में रात करीब 3 बजे तक पूरी तरह से ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। इस दौरान नाराज लोग नेहरू नगर जोन कार्यालय पहुंच गए और हंगामा मचाने लगे।
सरकंडा के बंधवापारा फीडर, महर्षि स्कूल फीडर, ओम नगर, सिंधी कॉलोनी, वेयरहाउस एरिया और शेफर स्कूल जैसे प्रमुख फीडर पूरी तरह ठप हो गए। कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए, इंसुलेटर फट गए और कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से 11 केवी की मुख्य लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके अलावा, बृहस्पति बाजार सब स्टेशन में आई तकनीकी खराबी की वजह से रात 11 बजे तक वहां काम बंद रहा, जबकि कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जलने के कारण मंगलवार तक केवल आधा नेटवर्क ही चालू किया जा सका। निवासियों का आरोप है कि वर्तमान में बिलासपुर पूरे प्रदेश में सबसे खराब बिजली कटौती के दौर से गुजर रहा है।इस पूरी अव्यवस्था पर लाचारी जताते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वे स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे हैं। संकट के समय पूरी रात शहर को संभालने के लिए 4-4 सदस्यों यानी 12 कर्मचारियों की केवल 3 आपातकालीन मरम्मत टीमें ही मैदान में थीं।
एक साथ दर्जनों जगहों पर फॉल्ट आने के कारण एक-एक क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने में ही दो से तीन घंटे का समय लग रहा था।
मीडिया की खबरों पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
जिला मुख्यालय के वीआईपी इलाकों में भी बिजली की लचर व्यवस्था है। इससे पहले भी भीषण गर्मी में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ा। हालांकि, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका लाइन स्टाफ सुबह 5 बजे तक लगातार सुधार कार्य में लगा रहा, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण आपूर्ति बहाल करने में देरी हुई।
बिजली विभाग की अव्यवस्था पर मीडिया में आई खबरों को हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। बुधवार को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। इस मामले में विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
हाईकोर्ट ने दिए यह निर्देश
कोर्ट ने इस संबंध में सेक्रेटरी, एनर्जी डिपार्टमेंट छत्तीसगढ़, कमिश्नर, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, बिलासपुर, मैनेजिग डायरेक्टर सीएसपीडीसीएल, रायपुर से पर्सनल एफिडेविट में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को बनाए रखने और बिलासपुर शहर के निवासियों को बिजली की बिना रुकावट और सही सप्लाई पक्का करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे बताने का निर्देश दिया है।









