बीमा रिफंड के नाम पर 1.60 करोड़ की ठगी: दुर्ग के कारोबारी को बनाया शिकार, दिल्ली से 3 साइबर ठग गिरफ्तार

दुर्ग। बीमा पॉलिसी का रिफंड दिलाने का झांसा देकर दुर्ग निवासी से करीब ₹1.60 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। रेंज साइबर थाना दुर्ग की टीम ने इस मामले में दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।
रेंज साइबर थाना दुर्ग में दर्ज अपराध क्रमांक 03/2026 के अनुसार, आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर पीड़ित को बीमा पॉलिसी की राशि वापस दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर कुल करीब ₹1 करोड़ 60 लाख की ठगी को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पहले एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर विशेष टीम को दिल्ली भेजा गया। वहां पूछताछ के बाद मनमीत सिंह, अमनदीप सिंह और ईशांत माहे उर्फ ईशु को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन खातों का उपयोग नाइजीरियन साइबर फ्रॉड नेटवर्क द्वारा ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 1 जुलाई 2026 को दिल्ली से गिरफ्तार कर तीस हजारी कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया और उन्हें दुर्ग लाया गया। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- मनमीत सिंह (42 वर्ष) – निवासी तिलक विहार, तिलक नगर, नई दिल्ली।
- ईशांत माहे उर्फ ईशु (37 वर्ष) – निवासी चंदर विहार, निलोठी एक्सटेंशन, दिल्ली।
- अमनदीप सिंह (33 वर्ष) – मूल निवासी श्रीगंगानगर (राजस्थान), वर्तमान निवासी चंदर विहार, निलोठी, दिल्ली।









