भारत के बाद Somalia ने भी WhatsApp Username फीचर पर जताई आपत्ति, सुरक्षा और साइबर फ्रॉड को लेकर बढ़ी चिंता

Meta के लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारत में इस फीचर पर सवाल उठने के बाद अब पूर्वी अफ्रीकी देश Somalia ने भी इसे लेकर गंभीर सुरक्षा चिंताएं जाहिर की हैं। सोमालिया का कहना है कि यदि यूजर्स फोन नंबर की बजाय केवल यूजरनेम के जरिए बातचीत करेंगे तो आतंकवादियों, साइबर अपराधियों और ठगों की पहचान करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा।
भारत के बाद Somalia ने भी उठाए सवाल
WhatsApp ने हाल ही में यूजर्स को यूनिक यूजरनेम (Handle) रिजर्व करने की सुविधा देना शुरू किया है। कंपनी की योजना है कि साल के आखिर तक यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया जाए। इसके जरिए लोग बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे।
हालांकि, भारत ने पिछले सप्ताह Meta से इस फीचर के रोलआउट में देरी करने का अनुरोध किया था। सरकार को आशंका है कि इससे ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी पहचान के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 60 करोड़ से अधिक यूजर्स इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं।
Somalia ने गिनाईं सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चिंताएं
Somalia की National Communications Authority के डायरेक्टर जनरल मुस्तफा यासीन शेख ने कहा कि फोन नंबर छिप जाने से सुरक्षा एजेंसियों के लिए आतंकवाद, संगठित अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करना कठिन हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि Somalia ने भारत की चिंताओं को गंभीरता से लिया है। सरकार को डर है कि इस फीचर का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाने, मोबाइल मनी सिस्टम में वित्तीय धोखाधड़ी करने और आतंकवादी संगठनों या साइबर अपराधियों द्वारा गुमनाम बातचीत के लिए किया जा सकता है।
आतंकवाद से जूझ रहे Somalia के लिए बड़ा खतरा
Somalia पिछले लगभग दो दशकों से अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन अल-शबाब के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। ऐसे में सरकार का मानना है कि यदि WhatsApp Username फीचर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के लागू किया गया तो आतंकवादी और अपराधी इसका फायदा उठा सकते हैं।
Meta की क्या है योजना?
Meta का उद्देश्य WhatsApp पर यूजर्स को अधिक प्राइवेसी देना है, ताकि वे मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी सुरक्षित तरीके से एक-दूसरे से जुड़ सकें। हालांकि, भारत और Somalia जैसे देशों ने साफ किया है कि इस फीचर को लागू करने से पहले सुरक्षा, पहचान सत्यापन और साइबर अपराध से जुड़े जोखिमों का समाधान जरूरी है।











