पहले खिड़की, अब दरवाजा तोड़कर भागे 13 नाबालिग: अंबिकापुर बाल सुधार गृह की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, 11 अब भी फरार

अंबिकापुर, 15 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित गांधीनगर बाल संप्रेक्षण (सुधार) गृह से एक बार फिर 13 नाबालिग फरार हो गए। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात बच्चों ने बैरक का पुराना और जर्जर दरवाजा तोड़कर भागने की योजना को अंजाम दिया। इनमें हत्या, दुष्कर्म, लूट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध नाबालिग शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर 2 बच्चों को पकड़ लिया, जबकि 11 की तलाश जारी है।

जानकारी के मुताबिक, यह 21 दिनों के भीतर दूसरी फरारी की घटना है। इससे पहले 24 जून को 11 नाबालिग खिड़की की ग्रिल उखाड़कर भाग निकले थे। जांच में सामने आया है कि इस बार भी उसी घटना का कथित मास्टरमाइंड नाबालिग फरारी की साजिश में शामिल था, जिसे पहले पुलिस पकड़ चुकी थी। इस बार वह अपने साथ अन्य बच्चों को लेकर फरार हो गया।

बाल संप्रेक्षण गृह की प्रभारी शमा नूरी ने बताया कि रात करीब 8 बजे बच्चों को भोजन कराने के बाद उन्हें कमरों में भेजा गया था। इसी दौरान बच्चों ने पुराने दरवाजे को तोड़ दिया और परिसर से भाग निकले। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। परिसर की खिड़कियों और दरवाजों को मजबूत करने के लिए वेल्डिंग का काम कराया जा रहा है। साथ ही अतिरिक्त नगर सैनिक तैनात करने की मांग भी की गई है।

फरार नाबालिग सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। सभी संबंधित थानों को सूचना भेज दी गई है। गांधीनगर थाना पुलिस बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि शेष बच्चों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

गौरतलब है कि हाल ही में बिलासपुर बाल सुधार गृह में भी चार नाबालिगों ने ड्यूटी पर तैनात चौकीदार की हत्या कर फरार होने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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