CG विधानसभा में अपराध पर खुलासा: हत्या, लूट और अपहरण में रायपुर सबसे आगे; सरकार ने सदन में पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े

रायपुर, 15 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सरकार ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पिछले दो वर्षों के अपराध आंकड़े सदन में पेश किए। गृह विभाग की ओर से दिए गए लिखित जवाब में सामने आया कि रायपुर हत्या, लूट और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में प्रदेश में सबसे आगे है। वहीं बिलासपुर और दुर्ग भी अपराध के मामलों में शीर्ष जिलों में शामिल हैं। दूसरी ओर नारायणपुर, सुकमा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जैसे जिलों में गंभीर अपराधों की संख्या अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई।

विधानसभा में विधायक उमेश पटेल के सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में हत्या, अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। समय-सीमा में चालान पेश करने, अपराधियों की निगरानी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

अपहरण के मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के दौरान अपहरण के मामलों में अधिकांश जिलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में सबसे अधिक 634 अपहरण के मामले दर्ज हुए, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 524 थी। बिलासपुर में 331 से बढ़कर 438 और दुर्ग में 229 से बढ़कर 365 मामले दर्ज किए गए।

हत्या और लूट के मामलों की स्थिति

हत्या के मामलों में रायपुर में मामूली कमी दर्ज हुई, जहां संख्या 85 से घटकर 84 रही। बिलासपुर में भी हत्या के मामलों में कमी आई और आंकड़ा 59 से घटकर 50 हो गया। हालांकि दुर्ग में हत्या के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई, जहां यह संख्या 53 से बढ़कर 60 पहुंच गई।

लूट के मामलों में रायपुर में 66 से घटकर 64 मामले दर्ज हुए। बिलासपुर में लूट के मामले 31 से बढ़कर 34 हुए, जबकि दुर्ग में लूट की घटनाएं 43 से घटकर 27 रह गईं।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का दावा

गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में महिला थाना, साइबर थाना, सामुदायिक पुलिसिंग, जन-चौपाल, बीट व्यवस्था और सघन पेट्रोलिंग के जरिए कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘हेलो सिस्टर’ अभियान और ‘अभिव्यक्ति’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

जेलों में मौतों के आंकड़े भी आए सामने

सरकार ने सदन में यह भी बताया कि वर्ष 2021 से 25 जून 2026 तक राज्य की जेलों में कुल 375 कैदियों की मौत हुई है। इनमें 373 मामलों में न्यायिक या दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए गए। अब तक 311 मामलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि 62 मामलों की रिपोर्ट लंबित है। वर्ष 2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई थी। सरकार ने कहा कि लंबित मामलों की जांच प्रक्रिया जारी है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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