मानसून सत्र से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव: अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, कानून-व्यवस्था से बेरोजगारी तक सरकार पर निशाना

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव को लेकर अंतिम फैसला रविवार शाम होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
यदि सहमति बनती है तो कांग्रेस कानून-व्यवस्था, नकटी गांव विवाद, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, किसानों की समस्याएं और बिजली दरों में बढ़ोतरी समेत कई मुद्दों को आधार बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
रविवार शाम 5 बजे नेता प्रतिपक्ष के सरकारी बंगले पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक में विधानसभा के लिए रणनीति तय की जाएगी और यह फैसला भी होगा कि अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए या नहीं।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
- नकटी गांव में कथित तौर पर प्रधानमंत्री आवास तोड़े जाने का मामला
- प्रदेश की कानून-व्यवस्था
- जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग
- किसानों को खाद की किल्लत और खेती से जुड़ी समस्याएं
- बिजली दरों में बढ़ोतरी
- महिलाओं की सुरक्षा
- बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में देरी
- पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों पर सरकार को घेरा जा सकता है और पूरे सत्र के दौरान तीखी बहस देखने को मिलेगी।
रविवार को होगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक
भाजपा की रणनीति बैठक के बाद कांग्रेस ने भी रविवार शाम विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक में तय किया जाएगा कि विधानसभा में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और सरकार को किस तरह घेरा जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सभी विधायक बैठक में शामिल होंगे।
13 जुलाई से शुरू होगा 5 दिन का मानसून सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्र छोटा जरूर है, लेकिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष भी जवाब देने की रणनीति बना रहा है।
1033 सवाल, 36 विधायकों ने पूछे 20-20 प्रश्न
इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 सवाल लगाए हैं। खास बात यह है कि सवाल पूछने वालों में केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पांच दिन के सत्र में सरकार को लगभग हर विभाग से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है?
अविश्वास प्रस्ताव किसी एक विभाग या मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। हालांकि विपक्ष इसे किसी एक बड़े मुद्दे को आधार बनाकर ला सकता है, लेकिन सदन में बहस के दौरान सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, किसानों, रोजगार, भ्रष्टाचार और अन्य सभी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होती है। अंतिम मतदान इस बात पर होता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास है या नहीं।











