18.87 लाख की कार खरीद पर दुर्ग यूनिवर्सिटी घिरी, ऑडिट में मिलीं 5 गंभीर अनियमितताएं

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में करीब 18.87 लाख रुपये की कार खरीद को लेकर राज्य संपरीक्षा (ऑडिट) ने गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। ऑडिट रिपोर्ट में वाहन खरीदी प्रक्रिया में पांच बड़ी वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और अनियमित खर्च की राशि की वसूली की अनुशंसा की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय ने वाहन खरीदने से पहले राज्य सरकार के वित्त विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली। साथ ही उच्च शिक्षा संचालनालय से भी वाहन के उपयोग संबंधी स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई। ऑडिट में यह भी स्पष्ट नहीं पाया गया कि खरीदी गई कार किस अधिकारी अथवा किस उद्देश्य के लिए उपयोग में लाई जानी थी।

जांच में सामने आया कि वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार वाहन खरीदी की निर्धारित वित्तीय सीमा 6.50 लाख से 7.50 लाख रुपये तक थी, जबकि विश्वविद्यालय ने 18.87 लाख रुपये खर्च कर वाहन खरीदा। इसे निर्धारित सीमा से लगभग तीन गुना अधिक व्यय मानते हुए वित्तीय नियमों का उल्लंघन बताया गया है।

ऑडिट रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वाहन खरीद के लिए रद्दी सामग्री की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग किया गया। नियमानुसार इस राशि को सामान्य निधि में जमा किया जाना चाहिए था, लेकिन बिना निर्धारित पूंजीगत व्यय योजना में शामिल किए इसे वाहन खरीदी में खर्च कर दिया गया, जिसे वित्तीय पारदर्शिता के विपरीत माना गया है।

वाहन खरीदी प्रक्रिया में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किए जाने की भी बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक तीन लाख रुपये से अधिक की खरीदी के लिए खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, जबकि ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा 50 हजार रुपये से अधिक की खरीदी में आवश्यक क्रय समिति की अनुशंसा भी नहीं ली गई, जिससे प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी प्रक्रिया प्रभावित हुई।

ऑडिट ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि वित्त विभाग की अनुमति के बिना किया गया यह व्यय अनियमित श्रेणी में आता है। इसलिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों से खर्च की गई राशि की वसूली पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में सभी खरीदी प्रक्रियाएं वित्तीय और भंडार क्रय नियमों के अनुरूप करने की सलाह दी गई है।

मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह खरीद पूर्व कुलपति के कार्यकाल में की गई थी। वर्तमान प्रबंधन ने ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी होने की पुष्टि की है, लेकिन इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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