दुर्ग महिला हत्याकांड में CCTV से मिले अहम सुराग, दो संदिग्ध युवकों की तलाश तेज

दुर्ग के पुलगांव थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में पुलिस जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। घटनास्थल के आसपास और शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में महिला वारदात से पहले दो युवकों के साथ अलग-अलग जगहों पर दिखाई दी है। इसके बाद पुलिस का शक दोनों युवकों पर गहरा गया है और उनकी पहचान व तलाश के लिए शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में महिला की हत्या सिर पर पत्थर से वार कर किए जाने की आशंका है। वहीं शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने के कारण दुष्कर्म के बाद हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जांच के दौरान पुलिस ने दुर्ग शहर से पुलगांव ओवरब्रिज तक लगे कई सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर जब्त कर उनकी बारीकी से जांच शुरू की है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई है, जिनमें दोनों संदिग्ध युवक कई स्थानों पर महिला के साथ नजर आए हैं।
पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान के लिए उनकी तस्वीरें ऑटो चालकों और स्थानीय लोगों को भी दिखाई हैं, लेकिन अब तक उनकी पहचान नहीं हो सकी है। जांच टीम ने महिला के परिजनों से भी पूछताछ की, हालांकि वे भी युवकों को पहचान नहीं पाए। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
गौरतलब है कि 17 जुलाई को पुलगांव नाला के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में महिला का अर्धनग्न शव मिला था। मृतका अपने पति की मृत्यु के बाद बेटी और दामाद के साथ रहती थीं तथा मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। परिजनों के अनुसार वह 16 जुलाई की शाम घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। गुमशुदगी दर्ज कराने के कुछ घंटे बाद उनका शव बरामद हुआ।
मामले की जांच में पुलगांव थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, एफएसएल और डॉग स्क्वाड की टीम भी जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि सीसीटीवी में दिखे दोनों युवकों की पहचान फिलहाल जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई है।











